सिविल धोखाधड़ी मामले में अदालत ने ट्रंप के खिलाफ 90 पन्नों का फैसला सुनाया था। फैसले के अनुसार, अदालत ने ट्रंप को न्यूयॉर्क में स्थित कंपनी में निदेशक के रूप में काम करने पर रोक लगाई थी। अदालत ने कहा था कि वे तीन साल तक कंपनी के निदेशक के रूप में काम नहीं कर सकते।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 454 मिलियन के नागरिक धोखाधड़ी के मामले में अदालत के फैसले के खिलाफ अपील की है। न्यूयॉर्क की अदालत ने फरवरी में अदालत ने उन्हें 355 मिलियन अमेरिकी डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 29.46 अरब रुपये) का जुर्माना चुकाने का आदेश दिया था, जोकि अब बढ़कर 454 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है। अदालत ने ट्रंप के साथ-साथ उनके बेटों को भी सजा सुनाई थी और उन पर भी जुर्माना लगाया है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो इतने बड़े जुर्माने के कारण ट्रंप की वित्तीय स्थिति पर फर्क पड़ सकता है।
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पूर्व राष्ट्रपति के वकीलों ने सोमवार को नोटिस दायर कर राज्य की मध्य-स्तरीय अपील अदालत से अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स के मुकदमे में न्यायाधीश आर्थर एंगोरोन के 16 फरवरी के फैसले को पलटने को कहा है। ट्रम्प के वकीलों ने अदालत के कागजात में लिखा है कि वे अपील अदालत से यह तय करें कि क्या एंगोरॉन ने कानून और/या तथ्य की त्रुटियां की हैं। साथ ही क्या उन्होंने अपने विवेक का दुरुपयोग किया है। एंगोरोन ने ट्रम्प को जुर्माने के रूप में $355 मिलियन का भुगतान करने का आदेश दिया था, लेकिन ब्याज के साथ अब कुल देय राशि लगभग $454 मिलियन हो गई है। जब तक वह भुगतान नहीं करेगा, तब तक कुल राशि लगभग $112,000 प्रति दिन बढ़ जाएगी।
दोनों बेटों को भी सुनाई थी सजा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सिविल धोखाधड़ी मामले में अदालत ने ट्रंप के खिलाफ 90 पन्नों का फैसला सुनाया था। फैसले के अनुसार, अदालत ने ट्रंप को न्यूयॉर्क में स्थित कंपनी में निदेशक के रूप में काम करने पर रोक लगाई थी। अदालत ने कहा था कि वे तीन साल तक कंपनी के निदेशक के रूप में काम नहीं कर सकते। ट्रंप के साथ-साथ कोर्ट ने उनके दोनों बेटों को भी सजा सुनाई थी। अदालत ने डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप को चार-चार मिलियन अमेरिकी डॉलर का अर्थदंड सुनाया था। साथ ही ट्रंप के दोनों बेटे भी दो साल तक न्यूयॉर्क वाली कंपनी में निदेशक के रूप में काम नहीं करने का आदेश दिया था।