तीन मई को हुए आम चुनावों में लॉरेंस वोंग की पीपुल्स एक्शन पार्टी (पीएपी) ने भारी जीत हासिल की है। अब प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने नए मंत्रिमंडल का एलान किया। 17 सदस्यीय मंत्रिमंडल में भारतीय मूल के छह नेताओं को जगह दी गई है। इन नेताओं को विदेश, व्यापार, गृह समेत अहम विभागों का जिम्मा सौंपा गया है।
सिंगापुर की सरकार में भारतवंशियों का दबदबा है। देश के नए प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने बुधवार को नए मंत्रिमंडल का एलान किया है। 17 सदस्यीय मंत्रिमंडल में भारतीय मूल के छह नेताओं को जगह दी गई है। इन नेताओं को विदेश, व्यापार, गृह समेत अहम विभागों का जिम्मा सौंपा गया है।
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देश में तीन मई को हुए आम चुनावों में लॉरेंस वोंग की पीपुल्स एक्शन पार्टी (पीएपी) ने भारी जीत हासिल की। प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने नए मंत्रिमंडल का एलान किया। इसमें तीन समन्वय मंत्री शामिल हैं। वहीं गान किम योंग को उपप्रधानमंत्री बनाया गया है। मंत्रिमंडल में प्रधानमंत्री कार्यालय और 16 मंत्रालयों में 15 मंत्री और दो कार्यवाहक मंत्री भी शामिल किए गए हैं।
प्रधानमंत्री वोंग ने भारतीय मूल के षणमुगम को गृह मंत्री पद पर बरकरार रखा है। वे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए समन्वय मंत्री का काम भी देखेंगे। जबकि वे कानून विभाग छोड़ देंगे। षणमुगम अभी तक गृह मंत्रालय के साथ कानून विभाग भी देख रहे थे। इसके अलावा विवियन बालाकृष्णन विदेश मंत्री बने रहेंगे। जबकि इंद्राणी राजा प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री होंगी। भारतीय मूल के मुरली पिल्लई को वरिष्ठ राज्य मंत्री बनाया गया है। वे कानून और परिवहन विभाग के मंत्री होंगे।
इसके साथ ही जनिल पुथुचेरी को शिक्षा और पर्यावरण राज्य मंत्री, पीएपी के नए सदस्य और भारतीय मूल के दिनेश वासु दाश वरिष्ठ संसदीय सचिव नियुक्त किए गए हैं। वे दक्षिण पूर्व जिले के मेयर भी होंगे। वोंग ने कहा कि मैंने सिंगापुर के लिए सबसे मजबूत टीम बनाने की पूरी कोशिश की है। वोंग ने वित्त विभाग अपने पास ही रखा है। उन्होंने नौ नए राजनीतिक पदाधिकारियों की भी नियुक्ति की है।
गान किम योंग व्यापार एवं उद्योग मंत्री तथा उपप्रधानमंत्री बने रहेंगे। चान चुन सिंग रक्षा मंत्री तथा सार्वजनिक सेवाओं के समन्वय मंत्री का कार्यभार संभालेंगे। सिंगापुर की आजादी के बाद से ही सत्ता पर काबिज पीएपी ने चुनाव में 92 में से 82 संसदीय सीट जीतीं थीं। बाकी 10 सीट वर्कर्स पार्टी के खाते में गईं, जो संसद में एकमात्र विपक्षी दल है।