कोविड-19 के चलते जहां कई देश लॉकडाउन से प्रभावित हैं। वहीं ब्रिटेन में इस लॉकडाउन के कारण महिलाओं और बालिकाओं को घरेलू हिंसा का शिकार होना पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक ब्रिटेन में घरेलू हिंसा की वजह से अब तक कुल 26 महिलाओं और बालिकाओं की मौत हो गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक इन मौतों के अलावा कई महिलाओं को घरेलू दुर्व्यवहार का भी शिकार होना पड़ रहा है। पहले से दी गई चेतावनियों के बावजूद ब्रिटिश सरकार घरेलू हिंसा को रोकने में कामयाब नहीं हो पा रही है। दिन-प्रतिदिन घरेलू हिंसा बढ़ते जा रही है और स्थिति भयावह होते जा रही है। महिलाएं एवं बालिकाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
मार्च के अंत में लॉकडाउन शुरू होने के बाद पहले महीने के दौरान, घरेलू हिंसा में सोलह महिलाओं और लड़कियों की मौत हो गई थी जो कि 2019 में इसी अवधि से तिगुनी अधिक थी। तब से अब तक इन दो महीनों में कम से कम 10 महिलाओं और बालिकाओं की हत्या हुई है। इनमें से सबसे बुजुर्ग 82 साल के थे तो वहीं सबसे कम उम्र की बच्ची जो कि 4 वर्ष की थी।
हालांकि कुछ देश काफी हद तक घरेलू हिंसा को रोकने में सफल भी हुआ। न्यूजीलैंड ने शुरू से ही अपनी व्यापक लॉकडाउन योजना में घरेलू हिंसा से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दिया था। वहीं इटली, स्पेन और अन्य देशों में घरेलू हिंसा के खिलाफ राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम स्थापित कर लोगों को इसके विरुद्ध जागरुक करने का काम किया जा रहा है।
इन सब के अलावा काउंसलिंग सेंटर शुरू करने और महिलाओं से ग्रॉसरी खरीदने के लिए घर से बाहर निकलने की अपील की जा रही है। 50 से अधिक सरकारी और कानून प्रवर्तन अधिकारियों, शैक्षणिक विशेषज्ञों, फ्रंट-लाइन सपोर्ट वर्कर्स और दुर्व्यवहार से बचे लोगों ने बताय कि ब्रिटिश नेताओं ने लॉकडाउन की योजना में घरेलू दुर्व्यवहार को कभी प्राथमिकता ही नहीं दी और अभी भी रोकने में कामयाब नहीं हो पा रहा है।