एआई प्लेटफॉर्म डीपसीक द्वारा बिना मंजूरी 15 लाख उपभोक्ताओं का निजी डाटा चीन भेजने का मामला सामने आया है। डीपसीक का चैटबॉट एप्लिकेशन एपल के आईफोन पर सबसे लोकप्रिय डाउनलोड बन गया है यहां तक कि ओपनएआई के चैटजीपीटी को भी इसने पीछे छोड़ दिया है।
बहुत कम समय में मशहूर हुए चीनी जेनेरिक एआई प्लेटफॉर्म डीपसीक द्वारा बिना मंजूरी 15 लाख उपभोक्ताओं का निजी डाटा चीन भेजने का मामला सामने आया है। रेडियो फ्री एशिया (आरएफए) की एक रिपोर्ट के अनुसार, डीपसीक ने दक्षिण कोरिया में अपने संक्षिप्त संचालन के दौरान ही उचित सहमति के बिना कोरियाई यूजरों के निजी विवरण चीन में 3 व अमेरिका में 1 कंपनी को भेज दिए।
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दक्षिण कोरियाई डाटा संरक्षण प्राधिकरण ने यह जानकारी दी। डीपसीक का चैटबॉट एप्लिकेशन एपल के आईफोन पर सबसे लोकप्रिय डाउनलोड बन गया है यहां तक कि ओपनएआई के चैटजीपीटी को भी इसने पीछे छोड़ दिया है। इसे लेकर शुरुआत से ही संवेदनशील विषयों की सेंसरशिप, डाटा गोपनीयता के मुद्दों और चीनी सरकार के साथ इसके संबंधों के बारे में भी चिंता जताई जा चुकी है।
इसे लेकर दक्षिण कोरिया सहित कई देशों ने एप पर प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन डीपसीक ने इससे पहले ही डाटा लीक कर दिया। दक्षिण कोरियाई सूचना संरक्षण आयोग (पीआईपीसी) ने कहा, यह चीन-अमेरिका को यह डाटा लीक 15 जनवरी और 15 फरवरी, 2025 के बीच किया गया।
गोपनीयता नीति का भी अभाव
चीनी सेवा ने इन अंतरराष्ट्रीय डाटा स्थानांतरणों के लिए न तो यूजरों की सहमति मांगी और न ही इस प्रथा को अपनी गोपनीयता नीति में शामिल किया। अपने एक महीने के ऑपरेशन में लगभग 50,000 दैनिक यूजरों के साथ, पीआईपीसी ने अनुमान लगाया कि लगभग 15 लाख यूजरों का डाटा अनुचित तरीके से विदेशों में साझा किया जा सकता है।
वहीं आरएफए की रिपोर्ट के अनुसार, आयोग ने पाया कि डीपसीक ने न केवल डिवाइस, नेटवर्क और एप की जानकारी प्रसारित की, बल्कि यूजरों द्वारा एआई प्रॉम्प्ट में दर्ज की गई सामग्री को भी वोल्केनो तक पहुंचाया, जो टिकटॉक की मूल कंपनी बाइटडांस से जुड़ी चीनी कंपनियों में से एक है। जांच में यह भी पाया गया कि डीपसीक में ऑप्ट आउट सुविधा नहीं है।