अफगानिस्तान में घातक तूफान ने तबाही मचा दी है। संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता स्तेफान दुजैरिक ने न्यूयॉर्क में बताया कि इस तूफानी मौसम में कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई है और सैकड़ों घायल हुए हैं। कम से कम 573 घर भी तबाह या क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रवक्ता ने कहा कि यूएन मानवीय सहायता एजेंसियों ने बताया है कि लगभग 734 परिवारों को तत्काल मानवीय सहायता की जरूरत है।
खबरों के अनुसार, पूर्वी नंगारहार प्रांत इस तूफानी आपदा से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जिसकी राजधानी जलालाबाद है। इसी प्रांत में इसी वर्ष अप्रैल में भी भीषण बाढ़ आई थी। अन्य प्रभावित प्रान्तों में बदखशां, कूनार, लागमान और नूरिस्तान भी हैं। यूएन प्रवक्ता ने दैनिक प्रैस वार्ता में बताया कि पाकिस्तान से स्वदेश लौटने वाले शरणार्थियों की मदद करने के लिए, नांगरहार की तोरखाम सीमाचौकी पर बनाया गया पंजीकरण केंद्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
इन शरणार्थियों के लिए यह स्थान प्रमुख प्रवेश द्वार है। प्रवक्ता ने कहा कि नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। इस बीच यूएन मानवीय सहायता एजेंसियों ने 9 सचल स्वास्थ्य और पोषण टीमें तैनात की हैं और यूएन स्वास्थ्य एजेंसियों ने नांगरहार क्षेत्रीय अस्पताल और फ़ातिमा ज़ुहरा अस्पताल को, चिकित्सा सामग्री मुहैया कराई है।
संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत समन्वय एजेंसी OCHA के अनुसार, पानी, साफ-सफाई और स्वच्छता सेवाओं के साथ-साथ, पास के एक शिविर में 400 टेंट भी या तो तबाह हो गए हैं या क्षतिग्रस्त हुए हैं। आरम्भिक खबरों में संकेत मिलते हैं कि इस तूफानी मुसीबत से प्रभावित सैकड़ों परिवारों को तत्काल भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य और स्वच्छता सेवाओं की जरूरत है।
संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी मामलों की एजेंसी UNHCR ने बताया है कि कुछ बाढ़ प्रभावित इलाके, युद्ध के दौरान बिना फटी सामग्री बिखरी रह जाने से संक्रमित होने के जोखिम का सामना कर रहे हैं, जिससे आम लोगों की जान के लिए और भी गम्भीर खतरा उत्पन्न हो गया है। एजेंसी ने बताया है कि बहुत से परिवारों के आय स्रोत खत्म हो गए हैं, जिससे उनके हालात और भी कमजोर होने के आसार हैं। उधर महिलाओं व लड़कियों ने जल बिन्दुओं, शौचालयों, जलाने के लिए लकड़ी एकत्र किए जाने वाले स्थलों और खुले स्थानों पर असुरक्षित महसूस करने के संकेत दिए हैं।
यूएन प्रवक्ता स्तेफान दुजैरिक ने अफगानिस्तान में इस तरह की आपदाओं से प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए, अतिरिक्त धन की जरूर को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अभी तक लगभग 72 करोड़ डॉलर की रकम प्राप्त हुई है, जोकि जरूरत की राशि का केवल एक चौथाई हिस्सा है। ध्यान रहे कि अफगानिस्तान में 2024 के दौरान मानवीय सहायता अभियान चलाने के लिए 3 अरब डॉलर की सहायता अपील जारी की हुई है।
(नोट: यह लेख संयुक्त राष्ट्र हिंदी समाचार सेवा से लिया गया है।)