रूस-क्रीमिया-यूक्रेन को जोड़ने वाले एकमात्र पुल को बम धमाके से उड़ाने के मामले में एफएसबी ने आठ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। धमाके के बाद पुल से गुजर रहे तेल टैंकरों समेत कई वाहनों में आग लग गई थी।
रूस की एफएसबी सिक्युरिटी एजेंसी ने शनिवार रात हुए इस हमले को यूक्रेन का आतंकी हमला करार दिया है। रूस-यूक्रेन जंग के बीच यह पुल रूसी सेना तक रसद पहुंचाने का बड़ा जरिया है। पुल पर हमले के बाद रूस ने यूक्रेन पर बमबारी नए सिरे से तेज कर दी है। कई शहरों में बम गिराए गए हैं।
विस्फोट के बाद पुल हो गया था क्षतिग्रस्त
शनिवार को रूस को क्रीमिया से जोड़ने वाले एकमात्र पुल पर एक लॉरी में धमाके के बाद उड़ा दिया गया। उस दौरान सड़क व रेलवे मार्ग से गुजर रहे कई तेल टैंकरों ने आग पकड़ ली। हादसे में तीन लोगों के मौत हुई थी। इसी पुल से रूस यूक्रेन में सैन्य उपकरण भेजता है।
क्रीमिया पर रूस ने किया 2014 में कब्जा
क्रीमिया पर रूस ने 2014 में कब्जा कर लिया था। रूस इसी पुल के जरिए यूक्रेन जंग के लिए सैन्य साजो सामान भेज रहा था। यह पुल केर्च जलडमरूमध्य पर है। इस पुल को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 2018 में खोला था। यह पुल यूक्रेन की सेना का प्रमुख निशाना रहा है। यूक्रेन रूसी सेना की रसद रोकने के लिए उस पर लगातार हमला कर रहा था। यह क्रॉसिंग यूक्रेन के कब्जे वाले क्षेत्र से 100 मील से अधिक दूर है।
पुल पर आवाजाही शुरू
क्रीमिया के गवर्नर सर्गेई अक्सियोनोव ने बताया कि पुल पर ट्रेनों की आवाजाही शनिवार देर शाम को ही शुरू हो गई और दो यात्री ट्रेन रवाना हुईं। जबकि, फेरी ट्रेन रविवार को शुरू कर दी गईं। इसके अलावा पुल की मरम्मत कर जल्द ही सभी वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। यह पुल रूस के लिए इतना अहम है है कि इसके उद्घाटन में पुतिन खुद शामिल हुए थे।