केन्या में ओमिक्रॉन के तीन मामले
केन्या के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के तीन मामलों का पता चला है। कैबिनेट सचिव मुताही कागवे ने कहा, देश के हवाई अड्डों पर यात्रियों के बीच ये मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा, वैरिएंट आएंगे और जाएंगे लेकिन यह प्रतिक्रियाओं का समय नहीं है। हम हालात पर नजर रखे हुए हैं।
ओमिक्रॉन डेल्टा की तुलना में ज्यादा तेजी से फैलता है
अमेरिकी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र की निदेशक रोशेल वालेंस्की ने कहा कि शुरुआती आंकड़ों से पता चलता है ओमिक्रॉन डेल्टा की तुलना में ज्यादा तेजी से फैलता है। इसके दोगुना होने का समय दो दिन है।
आगे उन्होंने कहा कि 75 से अधिक देशों ने कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट संक्रमित मामलों की पुष्टि की है। सीडीसी ने बुधवार को जीनोम सीक्वेंसिंग को लेकर डेटा जारी किया जो बताएगा ओमिक्रॉन वैरिएंट कितना प्रसार का अनुमान लगाता है।
ओमिक्रॉन के खिलाफ कम असरदार हो सकती वैक्सीन : डब्ल्यूएचओ
कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट और टीके के प्रभाव को लेकर स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। कोविड टास्क फोर्स प्रमुख डॉ. वीके पॉल के बाद अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी चेताया है कि कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट के खिलाफ वैक्सीन कम असरदार हो सकती है।
प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर डब्ल्यूएचओ का कहना है कि मुमकिन है, ओमिक्रॉन पर टीके के कम प्रभाव के चलते इसकी संक्रमण क्षमता और दोबारा संक्रमण होने का भी खतरा बढ़ जाए। हालांकि डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि कौन सा ओमिक्रॉन संक्रमण टीके से बनी इम्युनिटी को धोखा दे सकता है, यह स्पष्ट नहीं है। इसके परिणाम स्वरूप कोरोना के नए वैरिएंट से खतरा अधिक है।
वैज्ञानिकों ने अणु खोजा जो कोरोना संक्रमण को रोकेगा
ओमिक्रॉन के बढ़ते प्रकोप के बीच एक बड़ी कामयाबी मिली है। डेनमार्क के आरहुस यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने ऐसा अणु तैयार किया है जो कोरोना संक्रमण रोकने में मददगार होगा। पीएनएएस जर्नल में छपी रिपोर्ट के अनुसार यह अणु वायरस की सतह पर चिपक जाएगा जिससे वायरस मानव शरीर की कोशिका में प्रवेश नहीं कर पाएगा संक्रमण रुक सकेगा।
वुहान के लैब से वायरस के लीक होने की संभावना अधिक
कनाडा की शीर्ष मॉलिक्युलर बायोलॉजिस्ट डॉ. अलिना चैन ने ब्रिटेन की संसद को बुधवार को बताया कि चीन के वुहान की लैब से कोरोना वायरस के लीक होने की संभावना अधिक है। डॉ. चैन ने बताया, हुआन के सी-फूड बाजार में कुछ तो ऐसा हुआ जिससे वायरस मनुष्यों तक पहुंच गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वायरस की उत्पत्ति सी-फूड मार्केट से होने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। संसद सदस्यों के सवाल पर उन्होंने कहा, दुनिया इस तथ्य तक जरूर पहुंच जाएगी, सही चीज तक पहुंचने में थोड़ा समय लगता है।