यूएनओडीसी प्रमुख का कहना है, हमें युवाजनों की आवाजें जरूर सुननी होंगी। लगभग दस साल तक भ्रष्टाचार निरोधक कन्वेंशन को लागू करने के प्रयासों के अच्छे नतीजे मिल रहे हैं। बहुत से देशों ने भ्रष्टाचार पर काबू पाने के लिए विधायी कार्रवाई की है, अपने संस्थान मजबूत किए हैं और देशों के बीच सहयोग भी बढ़ाया है।
यूएनओडीसी भ्रष्टाचार निरोधक कन्वेंशन को आसानी समझने और उसे लागू करनें भी देशों की मदद करता है, साथ ही भ्रष्टाचार निरोधक एजेंडा को वैश्विक स्तर पर प्रमुखता से आगे बढ़ाने में भी मदद करता है।
यूरी फेदोतदॉफ ने बताया, इन प्रयासों के तहत साल 2021 में पहली बार महासभा का एक विशेष सत्र भी होने वाला है जिसके लिए हमें सटीक तैयारियाँ करनी हैं।
उन्होंने कहा, इस विशेष सत्र के लिए समावेशी माहौल बनाने के लिए हमें युवाओं की आवाजें सुननी होंगी जो पारदर्शिता की माँग कर रहे हैं, साथ ही उनके समुदायों में समुचित कार्रवाई करके भी प्रगति दिखानी होगी।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भी यूरी फेदोतॉफ के विचारों से सहमति व्यक्त करते हुए कहा, लोगों का क्रोधित होना जायज है। भ्रष्टाचार से हमारे समाजों के वजूद और बेहतरी, हमारे बच्चों के भविष्य और हमारे पृथ्वी ग्रह के लिए जोखिम पैदा होता है। भ्रष्टाचार का मुकाबला हम सभी को एकजुट होकर करना होगा।
यूएन प्रमुख का कहना था, और जैसाकि हम महत्वाकांक्षी जलवायु कार्रवाई और एक न्यायसंगत वैश्वीकरण के लिए युवाओं की सक्रियता देख रहे हैं, ये देखकर प्रेरणा महसूस होती है कि युवजन भ्रष्टाचार और उससे संबंधित गतिविधियों का खात्मा करने के लिए आगे बढ़कर जवाबदेही और न्याय की भी माँग कर रहे हैं।
एंतोनियो गुटेरश ने कहा, "इस अंतरराष्ट्रीय दिवस पर मैं दुनिया भर में सभी लोगों से आग्रह करता हूँ कि भ्रष्टाचार का खात्मा करने के लिए रचनात्मक समाधान तलाश करने में अपने प्रयास जारी रखें। इससे पूरी दुनिया के लोगों को बहुमूल्य संसाधन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।''
महासभा अध्यक्ष का कहना था, "वित्त व विकास पर अदीस अबाबा एक्शन एजेंडा के अनुसार अगर हमें 2030 के टिकाऊ विकास एजेंडा के लक्ष्य हासिल करने हैं तो हम सभी को भ्रष्टाचार से सख्ती से निपटना होगा।''
"भ्रष्टाचार धन व संसाधनों को गरीबी दूर करने के प्रयासों से हटा देता है। भ्रष्टाचार की वजह से समाज में टकराव और संघर्ष पनपते और बढ़ते हैं। मैंने गरीबी उन्मूलन और गुणवत्ता वाली शिक्षा को महासभा के 74वें सत्र के लिए प्रमुख प्राथमिकताओं के तौर पर निर्धारित किया है।
उनका कहना था कि भ्रष्टाचार के कारण गुणवत्ता वाली शिक्षा की उपलब्धता भी बाधित होती है, साथ ही भ्रष्टाचार की धारणा का असरदार तरीके से मुकाबला करने शिक्षा भी एक अति महत्वपूर्ण पहलू है। अच्छी शिक्षा के जरिए ही ऐसी धारणा और हिम्मत विकसित होती है जिसमें भ्रष्टाचार को सहन नहीं किया जाता।
"हम जिस तरह से युवजनों को शामिल करते हैं उसी से टिकाऊ विकास और शांति की संभावनाएँ तय होंगी। भ्रष्टाचार का मुकाबला करने के टिकाऊ समाधानों के लिए युवाओं को न्याय के लिए सशक्त व सक्रिय बनाना बेहद अहम औजार है।''
उन्होंने कहा कि कोई भी देश भ्रष्टाचार से अछूता नहीं है और भ्रष्टाचार से मुक्ति पाना वैश्विक स्तर पर एक गंभीर चुनौती बन चुका है। "इस भ्रष्टाचार विरोधी दिवस पर आइए, हम सभी इस दानव के खिलाफ लड़ाई के लिए फिर से समर्पित करें, जिसमें सहयोग व साझेदारियाँ शामिल हों"