संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की अप्रैल और मई के महीनों में होने वाली बैठक को तेजी से विकसित हो रहे कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर स्थगित कर दिया गया है। यूएनजीए के 74वें सत्र के अध्यक्ष तिजानी मुहम्मद-बंदे ने अप्रैल और मई में होने वाली संयुक्त राष्ट्र संघ की बैठकों को स्थगित करने का फैसला किया है।
यूएन के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा, 'तेजी से विकसित हो रहे कोविड-19 महामारी के परिणामस्वरूप, इन-पर्सन बैठकों को रद्द कर दिया गया है।' बता दें कि कोरोना महामारी का पहला मामला पिछले साल चीन के वुहान में सामने आया था। इससे अब तक दुनिया के 10 लाख एक हजार 860 लोग संक्रमित हो चुके हैं। जबकि 60 हजार लोगों की मौत हो गई है।
मुहम्मद-बंदे ने यूएनजीए की 75वीं वर्षगांग पर छह मई को होने वाली बैठक को रद्द करने का फैसला लिया है। इसके अलावा 11 मई को थीम आधारित बैठक होनी थी। 22 मई को सतत विकास लक्ष्यों की उपलब्धि में आए तकनीकी परिवर्तन के प्रभावों की प्रगति का जायजा लेने और कमोडिटी बाजारों पर अनौपचारिक बातचीत होनी थी।
इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र में 17 अप्रैल और मई के आखिर में इन पर्सन बैठक होनी थी जिसे भी रद्द कर दिया गया है। महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक से जब पूछा गया कि क्या यूएनजीए के सितंबर सत्र में होने वाली उच्च स्तरीय बैठक को रद्द करने पर विचार किया जा रहा है तो उन्होंने कहा नहीं, 'मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है।'
दुजारिक ने कहा, 'जाहिर है कोप 26 और महासभा की उच्च-स्तरीय बहस इस मायने में दो अलग-अलग बातें हैं कि जो संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में होती है। इसका फैसला सदस्य देशों के प्रतिनिधियों से बातचीत के बाद लिया जाएगा। लेकिन इस समय उसे रद्द करने की कोई योजना नहीं है।'
इस महीने की शुरुआत में न्यूयॉर्क में अचानक कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़ने लगी है। दुजारिक ने कहा, 'इसकी संभावना है कि कोविड-19 की स्थिति का महासभा पर कुछ प्रभाव पड़ेगा लेकिन मुझे लगता है कि यह बताना और इस बिंदु पर अधिक जानकारी देना जल्दबाजी होगी।' न्यूयॉर्क में कोरोना वायरस से संक्रमित मामलों की संख्या एक लाख दो हजार 863 हो गई है।