सिंगापुर में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सरकारी स्कूल और अधिकतर कार्यस्थलों को एक महीने के लिए बंद कर दिया गया है। सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सियेन लूंग ने एक महीने के लॉकडाउन की घोषणा करते हुए कहा कि आवश्यक सेवाओं और प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों को छोड़कर अधिकतर कार्यस्थल अगले मंगलवार से बंद हो जाएंगे। स्कूल भी बुधवार से बंद होंगे लेकिन बच्चों की पढ़ाई बंद नहीं होगी। इसके लिए सरकार ने होम बेस ई-लर्निंग का इंतजाम किया है। सिंगापुर का शिक्षा विभाग स्कूल और कॉलेज के साथ मिलकर इसकी तैयारी कर रहा है। सिंगापुर में खाद्य संस्थान, बाजार या सुपरमार्केट, मेडिकल स्टोर, अस्पताल, जनसुविधाएं, परिवहन और बैंकिंग जैसी सेवाएं चलती रहेंगी।
प्रधानमंत्री ली सियेन लूंग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग करने की अपील की। उन्होंने कहा, 'मुझे पता है कि एक-दूसरे से दूर रहना इतना आसान नहीं है लेकिन कोरोना को रोकने का इससे बेहतर कोई रास्ता नहीं है। हमें हर हाल में चेन (श्रृंखला) को तोड़ना होगा, तभी हम कोरोना को हरा सकते हैं। अब हर रोज 50 से अधिक कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में आपसे गुजारिश है कि आप घरों में ही रहें सिर्फ जरूरी सामान के लिए अकेले बाहर जाएं। लॉकडाउन के दौरान सुपरमार्केट खुले रहेंगे लेकिन मैं चाहूंगा कि आप सप्ताह के अंत में शॉपिंग करने ना जाएं, क्योंकि इस दौरान काफी भीड़ होती है। आप सप्ताह के बीच में किसी दिन जरूरी खरीदारी कर लें। भीड़ से हर हाल में बचें। घर में बुजूर्गों का खास ख्याल रखें।'
प्रधानमंत्री ली सियेन लूंग ने कहा कि रविवार से मास्क का वितरण फिर से शुरू किया जाएगा। बता दें कि इससे पहले सिंगापुर में अस्वस्थ होने पर ही लोगों को मास्क पहनने को कहा गया था, लेकिन बढ़ते मामले को देखते हुए सरकार ने अपने फैसले को वापस ले लिया है। पीएम ने कहा कि मास्क पहनने से उनलोगों से संक्रमण का खतरा नहीं रहेगा जिनमें संक्रमण तो है लेकिन उसकी जानकारी नहीं है। सिंगापुर ने किसी भी विदेशी को किसी भी तरह का काम करने से मना कर दिया है।
इससे पहले सिंगापुर ने कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए जासूसों की मदद ली है। जनवरी के मध्य में चीनी नए साल पर चीन शहर गुआंगशी से 20 पर्यटक सिंगापुर आए थे और उन्होंने पारंपरिक चीनी दवाइयां बेचने वाली दुकान पर से खरीदारी की थी। रिपोर्ट के मुताबिक दवाई की दुकान पर काम करने वाली महिला ने पर्यटकों को सामान दिखाया था और दवा वाले तेल से उनके हाथों पर मसाज भी की। उस वक्त सिंगापुर में सिर्फ 18 कोरोना के मामले थे लेकिन 4 फरवरी को सिंगापुर की सरकार ने कहा कि कोरोना वायरस स्थानीय समुदाय में फैल चुका है। इसके बाद सरकार ने जासूसी की मदद ली।
जासूस संदिग्ध लोगों को फोन करके पूछते थे कि क्या वो किसी टैक्सी में बैठे या किसी जगह गए थे। लोगों के हां कहने पर घर में ही क्वारंटीन में रहने के लिए कहा जाता है। इसके बाद अगले दिन स्वास्थ्य अधिकारी लोगों के पहुंचते थे और चेकअप करते थे। लक्षण मिलने के बाद मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया जाता था। सरकार ने इन कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग जासूसी की मदद से कोरोना का संक्रमण काफी हद तक रोक दिया था, लेकिन अब मामला बिगड़ रहा है।