कोरोना की वजह से वेंटिलेटरों पर सैकड़ों की संख्या में दम तोड़ते मरीजों को लगातार देखते रहे चीन के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के दिल व दिमाग पर गहरा असर हुआ है। करीब 63 फीसदी ने स्वीकार किया है कि लगातार आघात पहुंचाने वाले दृश्यों ने उनके दिमाग को बीमार किया है।
इनमें से 17.5 फीसदी मनोचिकित्सकों से थेरैपी करवा रहे हैं। बाकी दूसरे तरीकों से सामान्य होने का प्रयास कर रहे। दिल को झकझोर देने वाली यह जानकारी करीब एक हजार डॉक्टर व नर्सों पर चीन और अमेरिका के प्रतिष्ठित संस्थानों के अध्ययन में सामने आए हैं।