अमेरिका के स्वास्थ्य विभाग में जांच रिपोर्ट को संभालने की प्रणाली बेहद आसान है। मगर डिजिटल डाटा निजता के मानकों को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट फोन, ईमेल, डाक और फैक्स के जरिए भी भेजी जाती हैं। इस वजह से दिक्कतें आ रही हैं। जांच रिपोर्ट गलत विभाग के पास चली जा रही है या फिर अहम जानकारी गायब हो जा रही है...जैसे मरीज का फोन नंबर या पता।
ट्रेसिंग के काम में आ रही बाधा
जानकारी को डिजिटल तरीके से ठीक से न रख पाने की वजह से बीमारी को फैलने से रोकने में दिक्कतें आ रही हैं। मरीजों की निजी जानकारी गुम हो जाने से ट्रेसिंग का काम ठीक से नहीं हो पा रहा है। साथ ही मरीजों की पहचान को लेकर भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि चिंता की बात यह है कि डाटा की तुलना में बीमारी ज्यादा तेजी से फैल रही है।