कोरोना से त्रस्त चीन के वुहान से आए 112 लोगों की ताजा खेप के सभी सदस्य फिलहाल इस खतरनाक वायरस केमुक्त हैं। भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के छावला स्थित क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे इन लोगों के खून के सैंपल एम्स में टेस्ट कराए गए। रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से सभी का कोरोनावायरस टेस्ट निगेटिव आया है।
112 लोगों के इस खेप में 76 भारतीय और 36 विदेशी नागरिक हैं। इनमें 5 बच्चे और आठ परिवार हैं। विदेशी नागरिकों में चीन से छह, बांग्लादेश के 23, म्यांमार व मालदीव से दो और अमेरिका, मेडागास्कर व दक्षिण अफ्रिका के एक एक नागरिक हैं।
आईटीबीपी से जारी सूचना केमुताबिक सभी 112 लोगों को 14 दिन तक कड़ी निगरानी में रखा जाएगा। अगर इनमें से किसी में भी कोरोना के लक्षण दिखते हैं तो उन्हें फौरन वहीं बने अलग विभाग में ले जाया जाएगा। अगर सब कुछ सामान्य रहा तो 14 दिन बाद एक बार फिर इनका टेस्ट होगा। उस टेस्ट में भी रिपोर्ट निगेटिव आती है तो इन्हें अपने घर जाने की इजाजत दे दी जाएगी। आईटीबीपी के मुताबिक इन्हें क्वारंटाइन सेंटर में सभी सुविधाओं के साथ रखा गया है। हरेक दिन सुबह शाम इनकी जांच की जा रही है।
जम्मू में मिला स्वाइन फ्लू का पहला मरीज
जम्मू में इस सीजन में स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आया है। जम्मू निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण मिलने पर टेस्ट किया गया। इसके पॉजीटिव पाए जाने पर मरीज को टैमी फ्लू की दवा दी जा रही है। मरीज को घर पर अलग से रखा गया है। तीन दिन पहले ही जांच सैंपल भेजे गए थे।
बताया जा रहा है कि बुजुर्ग का बेटा दिल्ली में रहता है, जिसे स्वाइन फ्लू हुआ था। स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने के बाद बेटा कुछ समय पहले जम्मू आया था। डॉक्टर मान रहे हैं कि बेटे के संपर्क में आने से ही उन्हें भी स्वाइन फ्लू हो गया।
इस समय कोरोनावायरस को लेकर निगरानी रखी जा रही है। ऐसे में स्वाइन फ्लू का मामला सामने आने से नई स्वास्थ्य विभाग के सामने नई चुनौती बन गई है। हालांकि तापमान में बढ़ोतरी से एच1एन1 वायरस के अधिक सक्रिय होने की आशंका कम हो जाती है लेकिन मरीज के संपर्क में आने से आसपास के लोग भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
भारत ने ईरान के लिए बंद किया वीजा
भारत ने ईरानी नागरिकों और एक फरवरी के बाद ईरान जा चुके विदेशी लोगों के वीजा और ई-वीजा पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। ईरान में भारतीय राजदूत जी. धर्मेंद्र ने शनिवार को कहा कि कोरोनावायरस के चलते जो भारतीय स्वदेश लौटना चाहते हैं, उनके लिए इसकी व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके इंतजाम को लेकर प्राधिकारों के साथ चर्चा की जा रही है।
कोरोना के चलते चीन में विनिर्माण में भारी गिरावट
चीन में कोरोनावायरस का संक्रमण न केवल जानलेवा है बल्कि अर्थव्यवस्था को बेहद बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था पर इस महामारी का असर साफ दिख रहा है। शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में चीन में मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटी (विनिर्माण गतिविधि) रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई।
ताजा मासिक सर्वे में, चीन का परचेज मैनेजर इंडेक्स फरवरी में गिरकर 35.7 पर आ गया। इस सूचकांक का 50 से नीचे रहना बताता है कि कारखाना उत्पादन बेहद तेजी से घटा है। सूचकांक 50 से ऊपर हो तो उत्पादन में वृद्धि का संकेत है।
वहीं, गैर-विनिर्माण गतिविधियों का सूचकांक फरवरी में 29.6 पर आ गया, जो जनवरी में 54.1 पर रहा था। चीन ने 2005 से इन आंकड़ों जारी कर रहा है। उसके बाद यह सबसे खराब स्तर है। दरअसल, कोरोनावायरस के संक्रमण के चलते चीन की अर्थव्यवस्था दुनियाभर से कट गई है। विशेषज्ञों ने कहा है कि संक्रमण के चलते इस साल की पहली तिमाही में चीन की आर्थिक वृद्धि दर में बड़ी गिरावट दिख सकती है।
दुनिया में कोरोना का असर