कोरोना वायरस ने 120 से ज्यादा देशों को अपनी चपेट में ले लिया है। भारत में भी अब तक 84 मामले सामने आ चुके हैं। मगर जिस देश से इस खतरनाक वायरस की शुरुआत हुई, वहां अब तेजी से हालात सुधरते जा रहे हैं। यहां तक कि कई अस्थायी अस्पताल भी बंद कर दिए गए हैं।
एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के मुताबिक चीन के एक फैसले ने इस वायरस को लाखों लोगों में फैलने से रोक दिया। इस वजह से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में उसकी तारीफ भी हो रही है। अध्ययन के मुताबिक चीन ने कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित वुहान शहर को पूरी तरह से बंद करने और राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया था।
इस वजह से यह वायरस अन्य क्षेत्रों में तीन दिन की देरी से पहुंचा और शहर के बाहर फरवरी के मध्य तक 7.44 लाख लोगों को इस वायरस की चपेट में आने से बचा लिया गया।
तीन देशों के 22 वैज्ञानिकों ने किया अध्ययन
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग
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वुहान में आने-जाने पर रोक लगाने से ही चीन में 2 लाख 2 हजार मामलों में कमी आई। चीन के एक इस फैसले से प्रशासन को इस खतरनाक वायरस से लड़ने के लिए समय मिल गया। चीन, अमेरिका और ब्रिटेन के 15 संस्थानों के 22 वैज्ञानिकों ने मिलकर यह अध्ययन किया है। यह स्टडी स्वास्थ्य विज्ञान के सर्वर 'मेडरिक्सिव' में दर्ज है, लेकिन अभी यह प्रकाशित नहीं हुई है।
5 करोड़ लोग घरों में बंद
कोरोनावायरस से बचाव का उपाय करते स्वास्थ्यकर्मी
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चीन ने कोरोना वायरस के फैलने के साथ ही तुरंत कड़े कदम उठाए और अपने हुबेई प्रांत और उसकी राजधानी वुहान को पूरी तरह से बंद कर दिया। 23 जनवरी से यहां के 5 करोड़ लोग अपने घरों में कैद हो गए। विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय में इस कदम को सराहा गया।
कई डॉक्टरों को पहले ही था आभास
डॉक्टर ली वेनलियांग
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कोरोना वायरस का पहला मामला पिछले साल 17 नवंबर को सामने आया था। हालांकि इसके बाद वुहान के डॉक्टरों को नए तरह के वायरस का आभास हो गया था। सबसे पहले इसे लेकर चेताने वाले 29 वर्षीय डॉक्टर ली वेनलियांग की आवाज को दबा दिया गया। बाद में उनकी खुद कोरोना वायरस से मौत हो गई।
चीन में अब तक 3000 से ज्यादा मौत
China CoronaVirus
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चीन में शनिवार को कोरोना वायरस से 13 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद इस देश में मरने वालों की संख्या बढ़कर 3189 तक पहुंच चुकी है। हालांकि वुहान में अब मौत के मामले धीरे—धीरे कम होते जा रहे हैं। शुक्रवार तक यहां 80,824 लोग कोरोना से संक्रमित थे।
शुरुआती 50 दिनों का किया अध्ययन
coronavirus
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अध्ययन में 19 दिसंबर से 19 फरवरी के बीच 50 दिनों तक वायरस के प्रभाव का अध्ययन किया गया। वुहान 23 जनवरी से अभी तक पूरी तरह से बंद है। हालांकि एक अनुमान के मुताबिक वुहान से 43 लाख लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें कई भारतीय छात्र भी शामिल थे।