दुनिया की सबसे ताकतवर संस्था संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक चीन के अड़ंगे के कारण गुरुवार को नहीं हो सकी। परिषद की अध्यक्षता अभी चीन के पास है। ऐसे में बैठक बुलाने का अधिकार उसके ही पास है। चीन के असहयोग के चलते चार अन्य स्थायी और 10 अस्थायी सदस्यों वाले परिषद की बैठक नहीं हो रही है। इस वैश्विक महामारी को लेकर चीन और अमेरिका आमने-सामने हैं। दोनों एक-दूसरे पर इस बीमारी फैलाने का आरोप लगा रहे हैं।
चीन की अड़ंगेबाजी के चलते 12 मार्च के बाद परिषद की बैठक नहीं हुई। इसके चलते दुनिया की सबसे बड़ी आपदा और इससे निपटने पर अब तक कोई बात नहीं हुई है। गुरुवार को वर्चुअल तरीके से परिषद की बैठक होनी थी। जिसमें उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध बढ़ाने तथा सोमालिया में शांति मिशन के विस्तार पर वोटिंग होती। हालांकि अंतिम समय में वोटिंग टाल दी गई।
स्थायी सदस्य रूस भी वर्चुअल वोटिंग के खिलाफ है। संयुक्त राष्ट्र में चीनी राजदूत झांग जून से कोविड-19 पर चर्चा से जुड़े सवाल पर कहा, यह एजेंडा में नहीं है। सूत्राें का कहना है कि परिषद के सदस्य महामारी पर प्रस्ताव को लेकर बंटे हैं। प्रस्ताव की शब्दावली पर चीन को ऐतराज है। गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कांगो की स्थिति पर बात हुई। यह पहली बार है जब परिषद में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से चर्चा हुई है।