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G20: 'उम्मीद है भू-राजनीतिक विवादों को खत्म करने के लिए हरसंभव कदम उठाएगा भारत', UN महासचिव ने जताई उम्मीद

Fri, 08 Sep 2023 10:38 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जकार्ता

सार

संयुक्त राष्ट्र गुटारेस ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संरचनाओं को आज की दुनिया की जरूरतों के अनुकूल बनाने के लिए जी-20 शिखर सम्मेलन में सुधार के बारे में एक स्पष्ट संदेश देना चाहिए।
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एंटोनियो गुटारेस
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विस्तार
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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटारेस ने कहा कि भारत जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई है कि भारत यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा कि मौजूदा भू-राजनीतिक विवादों को दूर किया जाए और विश्व नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक संभावित परिणामों के साथ पूरी हो सके।

दो दिन होगा सम्मेलन

गौरतलब है, भारत इस साल जी-20 देशों की अध्यक्षता कर रहा है। ऐसे में नौ और 10 सितंबर को होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन सहित कई देशों के नेताओं का दिल्ली में जमावड़ा होगा। गुटारेस भी इस सम्मेलन में भाग लेंगे। हालांकि, वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं हो रहे हैं।

भारत हर संभव प्रयास करेगा...

गुटारेस ने जकार्ता में 13वें आसियान-संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन में भाग लेते हुए कहा कि मुझे विश्वास है कि भारत यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा कि मौजूदा भू-राजनीतिक विवादों को दूर किया जाए और जी-20 संभावित परिणामों के साथ संपन्न हो सके। दरअसल, वह जी-20 मेजबान के रूप में भारत से उनकी अपेक्षाओं के साथ-साथ अफ्रीकी संघ को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के समूह में लाने के लिए नई दिल्ली के समर्थन पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे।

पिछले साल संभाली थी जी-20 अध्यक्षता

भारत को पिछले साल दिसंबर में जी-20 की अध्यक्षता सौंपी गई थी। अब दिल्ली में नेताओं का शिखर सम्मेलन कई भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच हो रहा है। इन चुनौतियों में यूक्रेन युद्ध, कोविड-19 महामारी का प्रभाव, आर्थिक मंदी, बिगड़ती जलवायु, बढ़ती गरीबी और असमानताएं शामिल हैं।

यह हैं अहम मुद्दे

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गुटारेस ने कहा कि चूंकि मैं जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग ले रहा हूं, इसलिए कुछ सवाल हैं जो मेरे लिए जरूरी होंगे। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संरचनाओं को आज की दुनिया की जरूरतों के अनुकूल बनाने के लिए सम्मेलन में सुधार के बारे में एक स्पष्ट संदेश देना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने आगे कहा कि एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू ऋण राहत है, जिससे विकासशील देशों को कोविड-19, यूक्रेन में युद्ध और कई अन्य स्थितियों के प्रभावों से उबरने में सक्षम बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि कई देशों को ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें उनके पास अपने लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए राजकोषीय गुंजाइश नहीं है।

बिगड़ती जलवायु पर काम करना जरूरी
उन्होंने कहा कि इन सबके साथ ही मुझे स्पष्ट रूप से उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकसित देशों को देखने में बहुत दिलचस्पी होगी, जो जी-20 में एकत्रित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम एक विनाशकारी जलवायु स्थिति का सामना कर रहे हैं और विकासशील देशों को अनुकूलन बनाने के लिए जलवायु कार्रवाई के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह भी देखना दिलचस्प रहेगा कि सम्मेलन के दौरान सभी देश उत्सर्जन को कम करने के लिए बढ़ती महत्वाकांक्षा के लिए एकजुट दृष्टिकोण में आने में सक्षम हो सकें। 

गुटारेस ने कहा कि मैं एक अफ्रीकी देश की उपस्थिति का दृढ़ता से समर्थन करता हूं। उन्होंने कहा कि कम से कम सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के रूप में, मैं देख सकता हूं कि अफ्रीका की मजबूत भागीदारी के लिए ब्रेटन वुड्स प्रणाली में सुधार करना आवश्यक है और निःसंदेह मुझे अफ्रीकी संघ को जी-20 के सदस्य के रूप में देखकर बहुत खुशी होगी।

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