पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने जीवाश्म ईंधन सब्सिडी को लेकर नीदरलैंड में प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने उन पर कार्रवाई की। 400 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से ग्रेटा थनबर्ग एक थी।
जीवाश्म ईंधन सब्सिडी के विरोध में नीदरलैंड में एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग को दो बार हिरासत में लिया था। शनिवार को ग्रेटा थनबर्ग के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शन के दौरान प्रमुख सड़कों को अवरुद्ध किया गया था, जिसके चलते पुलिस ने उन पर कार्रवाई की थी।
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तकरीबन 400 लोगों को पुलिस ने लिया हिरासत में
पुलिस द्वारा जारी बयान के मुताबिक, शनिवार को प्रदर्शन के दौरान 400 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें 12 लोगों को उकसाने के आरोप में बंदी बनाया गया है। हालांकि पर्यावरण कार्यकर्ता को ग्रेटा थनबर्ग को बाद में रिहा कर दिया गया था। नीदरलैंड के हेग शहर की ओर जाने वाले प्रमुख सड़क को बाधित करने की कोशिश करने वाले लोगों में 21 वर्षीय स्वीडिश कार्यकर्ता को पहले ही स्थानीय पुलिस ने हिरासत में ले लिया था, हालांकि थोड़े समय बाद उन्हें भी रिहा कर दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान दो बार हिरासत में लिया गया ग्रेटा थनबर्ग को
प्रदर्शन के दौरान पहली बार हिरासत में लिए जाने कुछ समय बाद थनबर्ग को छोड़ दिया था। बाद में फिर से वह अपने सहयोगियों के साथ प्रदर्शन में शामिल हो गए। इस दौरान रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली एक अन्य सड़क को बाधित किया गया। जिसके बाद पुलिस ने फिर से ग्रेटा थनबर्ग को हिरासत में ले लिया, उन्हे पुलिस बैन ले जाया गया।
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जीवाश्म ईंधन सब्सिडी को लेकर सड़क पर प्रदर्शन
गौरतलब है कि पर्यावरण समूह एक्सटिंक्शन रिबेलियन(एक्सआर) ने जून में जीवाश्म ईंधन सब्सिडी के संबंध में एक चर्चा से पहले डच सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को पुलिस कर्मियों ने मोटरवे में प्रवेश करने से रोका, साथ ही चेतावनी दी थी कि अगर वो ऐसा करते है तो मजबूरन उन पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। जिसके जिम्मेदार वे खुद होंगे।