पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज शरीफ के काफिले पर पत्थर बरसाए जाने और वहां की राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) दफ्तर के बाहर हुई पुलिस लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग की घटनाओं ने पाकिस्तान में सियासी सरगर्मियां बढ़ा दी हैं।
मरियम मंगलवार दोपहर जब अपने पूरे काफिले के साथ ब्यूरो के दफ्तर पहुंचीं तब स्थितियां बेकाबू हो गईं, उनके साथ बड़ी संख्या में उनके समर्थक भी थे और कारों का लंबा काफिला भी था। पुलिस ने इस काफिले को रोका और समर्थकों को हटाने की कोशिश की तो टकराव के हालात पैदा हो गए।
हिंसा भड़क उठी और दोनों तरफ से जमकर पत्थरबाज़ी होने लगी। पुलिस ने लाठियां बरसाईं और हवाई फायरिंग की। हालत ये हो गई कि मरियम अपनी कार से बाहर नहीं निकल सकीं और ब्यूरो को उनसे पूछताछ की कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी।
पाकिस्तान के टीवी चैनलों और सोशल मीडिया ने इस पूरी घटना को बढ़ चढ़ कर दिखाया और मरियम ने भी अपनी कार से ही वीडियो बनाकर अपने ऊपर पुलिस के हमले की रिपोर्टिंग कर डाली। उन्होंने वह वीडियो ट्वीट किया और बताया कि देखिए, कैसे पुलिस उनकी कार पर हमला कर रही है, उनकी कार का शीशा तोड़ रही है और पत्थरबाजी कर रही है।
दरअसल ब्यूरो ने उन्हें मंगलवार को पूछताछ के लिए निजी तौर पर बुलाया था लेकिन मरियम अपनी पार्टी के तमाम समर्थकों, नेताओं के पूरे काफिले के साथ ब्यूरो के दफ्तर पहुंचीं जिससे हालात बिगड़ गए। मरियम नवाज पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज पार्टी की उपाध्यक्ष भी हैं।
गौरतलब है कि नवाज़ शरीफ परिवार पर आय से ज्यादा संपत्ति और मनी लांड्रिंग के कई मामले चल रहे हैं। नवाज़ शरीफ इसी आरोप में जेल में हैं और मरियम नवाज़ शरीफ को भी इस मामले में पिछले साल बंद किया गया था। मरियम से 2013 में रायविंड में नियमों को ताक पर रखकर 1400 कनाल ज़मीन खरीदने के बारे में पूछताछ और जांच चल रही है।
बाद में ब्यूरो (नैब) ने एक बयान जारी कर कहा कि ये घटना बेहद शर्मनाक है और हमने मरियम को पूछताछ के लिए अकेले बुलाया था, लेकिन वह दबाव डालने के मकसद से पूरे दल बल के साथ आ गईं और नैब के दफ्तर में हिंसा और तोड़फोड़ की। ब्यूरो ने ये सफाई भी दी कि वह एक स्वतंत्र संगठन है और किसी सरकार या पार्टी के लिए काम नहीं करता। उसके लिए देश सबसे पहले है। ऐसे में मरियम या नवाज शरीफ परिवार पर जो आरोप हैं, उसकी जांच करना उसका कर्तव्य है। ब्यूरो ने ये भी कहा कि हिंसा करवने वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
दूसरी तरफ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के बिलावल भुट्टो और शेरी रहमान समेत कई नेताओं ने मरियम के काफिले पर लाहौर में हुए हमले की कड़ी निंदा की है और पंजाब की पुलिस कार्रवाई को शर्मनाक बताया है और कहा है कि इससे तो नैब की पूछताछ के लिए जाने वाले किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेता के लिए खतरा पैदा हो गया है। आखिर नैब परिसर में पुलिस ऐसी हरकत कैसे कर सकती है।