बेलारूस में राष्ट्रपति पद के चुनाव में एलेक्जेंडर लुकाशेंको की जीत को मानने से विपक्ष की नेता स्वेतलाना तिखानोव्स्काया के इनकार के बाद देश भर में लोग सड़कों पर उतर आए। पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक की मौत हो गई व दर्जनों लोग घायल हो गए हैं। 3,000 से ज्यादा की गिरफ्तारियों के बीच पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस व पानी की तैज बौछारें भी छोड़ीं।
चुनाव आयोग ने सोमवार को आरंभिक नतीजों में कहा कि लुकाशेंको को 80.23 फीसदी और स्वेतलाना को 9.9 फीसदी वोट मिले हैं। राजनीति में पहली बार कदम रखने वाली स्वेतलाना तिखानोव्स्काया (37) ने इन्हें मानने से इनकार करते हुए चुनाव में धांधली का आरोप लगाया। बता दें कि उनकी रैलियों में 1991 के सोवियत विघटन के बाद पहली बार लोग बड़े पैमाने पर शामिल हुए और लुकाशेंको का विरोध किया।
बेलारूस में जबरदस्त झड़पों के बाद मंगलवार को विपक्षी नेता स्वेतलाना अपने बच्चों के पास पड़ोसी देश लिथुआनिया चली गई हैं। लिथुआनियाई विदेश मंत्री लिनास लिंकेविसियस ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने ट्वीट किया कि वे यहां सुरक्षित हैं। जबकि बेलारूस में लगातार विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
यूरोपीय संघ के सदस्य पोलैंड ने बेलारूस हिंसा पर संघ की बैठक बुलाने की मांग की है। पोलैंड के पीएम ने कहा, अधिकारियों ने बदलाव की मांग करने वाले लोगों के खिलाफ बल का प्रयोग किया। हमें बेलारूस के नागरिकों की आजादी का समर्थन करना चाहिए। जर्मन सरकार के प्रवक्ता ने कहा है कि बेलारूस के चुनावों में न्यूनतम स्तर का पालन नहीं किया गया है। हालांकि रूस व चीन ने लुकाशेंको को बधाई दी।