आतंकी संगठन हमास के इस्राइल पर सात अक्तूबर को सुबह अचानक किए गए हमले के बाद दोनों के बीच संघर्ष जारी है। इन हमलों में अभी तक साढ़े पांच हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस्राइल-हमास के बीच का युद्ध विनाशकारी हो चुका है। इन सबके बीच एक सिटी बैंक की एक महिला कर्मचारी की नौकरी चली गई। दरअसल, उस पर यहूदी विरोधी पोस्ट करने का आरोप लगा है।
सोशल मीडिया पर आलोचना
सिटीग्रुप ने सोशल मीडिया पर विवादास्पद पोस्ट डालने के मामले में अपनी पर्सनल बैंकर नोजिमा हुसैनोवा को हटा दिया है। इस पोस्ट में हिटलर द्वारा यहूदियों के नरसंहार का एक तरह से समर्थन किया गया था। गाजा में हालिया घटनाओं के लिए इस्राइल को जिम्मेदार ठहराने वाले इस पोस्ट की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हो रही है।
महिला कर्मचारी का ट्वीट
हुसैनोवा ने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘समझा जा सकता है कि हिटलर इन सबसे क्यों मुक्ति चाहता था।’ इस ट्वीट का मतलब निकाला जा रहा है कि नोजिमा उस प्रसंग का जिक्र कर रही थी, जिसमें हिटलर ने यहुदी समाज को चुन चुन कर मारने का आदेश दिया था। उनके यह ट्वीट करते ही सोशल मीडिया पर आलोचना होने लगी। वहीं, लोग सिटी बैंक पर भी भड़ास निकालने लगे।
लोगों का भड़का गुस्सा
एक यूजर ने कहा कि क्या यही आपके कर्मचारी का रवैया यहुदी समाज के लिए हैं। जब लोग सोशल मीडिया पर नोजिमा को निशाना बनाने लगे तो बैंक भी हरकत में आया और जवाब में लिखा कि हम उचित कार्रवाई कर रहे हैं। बैंक इस तरह की हेट स्पीच का समर्थन नहीं करता है। बाद में सिटी बैंक ने बताया कि उन्होंने यहुदी समाज के खिलाफ टिप्पणी करने वाली महिला कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया है।
जब सिटी बैंक ने अपनी महिला कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया तो सोशल मीडिया पर लोगों ने बैंक की कार्रवाई की तारीफ की।