पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं, सिखों और ईसाई समुदाय के लोगों का उत्पीड़न लगातार जारी है। रावलपिंडी में एक मुस्लिम व्यक्ति ने ईसाई महिला की मात्र इस वजह से गोली मारकर हत्या कर दी कि उसके अभिभावकों ने शादी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।
रेडियो पाकिस्तान के अनुसार, कोरल पुलिस थाने के अधिकारियों ने रविवार को बताया कि आरोपियों में से एक व्यक्ति फैजान को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापे मारे जा रहे हैं। मृतक सोनिया और आरोपी रावलपिंडी में ओल्ड एयरपोर्ट इलाके में रहते थे।
शहजाद की मां ने हाल ही में शादी का प्रस्ताव भेजा था लेकिन सोनिया के अभिभावकों ने इससे खारिज कर दिया था क्योंकि उसकी शादी किसी अन्य व्यक्ति से होनी थी। पुलिस के अनुसार, प्रस्ताव ठुकराए जाने से नाराज शहजाद ने सोनिया को उस वक्त गोली मार दी जब वह हाइवे पर अपने मंगेतर के साथ कही जा रही थी।
पिछले ही महीने ईसाई लड़की आरजू राजा का पहला अपहरण कर लिया गया और उसका जबरन धर्मांतरण कराकर कराची में 44 वर्षीय मुस्लिम व्यक्ति से शादी करा दी गई।
पिछले कुछ महीनों के दौरान पाकिस्तान में ईसाई समुदाय की लड़कियों, महिलाओं के अपहरण, दुष्कर्म और जबरन विवाह की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। अकसर अपहरण की गई लड़की का धर्मांतरण कराकर पाकिस्तानी कानून के तहत मुस्लिम व्यक्ति से विवाह करा दिया जाता है।