फिलीपींस की नौसेना के साथ भारतीय नौसैनिक जहाज के अभ्यास को लेकर चीन की सेना ने आपत्ति जताई है। बता दें दोनों देशों के नौसैनिक दक्षिण चीन सागर में अभ्यास कर रही हैं। इस पर ऐतराज जताते हुए चीन की सेना ने गुरुवार को बयान जारी करते हुए कहा कि कई देशों के बीच रक्षा सहयोग से तीसरे देशों के हितों और क्षेत्रीय शांति को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन ने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि संबंधित देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग से तीसरे पक्ष के हितों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। साथ ही कहा कि उन्हें क्षेत्रीय शांति को छेड़ना नहीं चाहिए।
फिलीपींस के साथ सैन्य अभ्यास पर चीन बेचैन
बता दें चीन फिलीपींस और अन्य देशों के बीच सैन्य सहयोग को लेकर बेचैन दिखाई दे रहा है। विवादित दक्षिण चीन सागर के हिस्सों पर फिलीपींस और चीन की नौसेना अक्सर आमने-सामने रहते हैं। फिलीपींस की नौसेना ने इस महीने आरोप लगाया था कि चीनी जहाजों ने उसके जहाजों पर पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। इस महीने की शुरुआत में आईएनएस कदमत ने फिलीपींस की अपनी यात्रा के दौरान फिलीपींस नौसेना के एक अपतटीय गश्ती जहाज बीआरपी रेमन अलकराज के साथ दक्षिण चीन सागर में एक समुद्री अभ्यास में भाग लिया।
किसी देश का नाम लिए चीन ने कहा कि चाइना और फिलीपींस के बीच समुद्री विवाद बीजिंग और मनीला के बीच का मुद्दा है। उन्होंने कहा, चीन उच्च स्तर की सतर्कता बनाए रखेगा और राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और समुद्री अधिकारों और हितों की दृढ़ता से रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने दावा किया कि चीन की ओर से बार-बार दी गई चेतावनियों की परवाह न करते हुए फिलीपींस पक्ष ने चीन के दावे वाले क्षेत्रों में घुसपैठ करने के लिए एक जहाज भेजने पर जोर दिया। फिलीपींस का जहाज चीनी तटरक्षक जहाज से टकरा गया और उसे क्षतिग्रस्त कर दिया।