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घोटाला: चीन में एक तरफ बढ़ रहे थे तलाक के मामले, तो दूसरी तरफ आसमान छू रहे थे प्रॉपर्टी के दाम, सामने आई वजह

Sat, 13 Mar 2021 03:34 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

तलाक के मामलों की जांच की गई, तो कई अविश्वसनीय मामले सामने आए। पूर्वी झेजियांग प्रांत में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें दंपति ने पुनर्वास योजना का लाभ उठाने के लिए 23 बार तलाक और पुनर्विवाह किया था... 
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चीनी जोड़े - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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पिछले दिनों चीन में ‘तलाक घोटाले’ का खुलासा हुआ। उससे सामने यह आया कि कई दंपति संपत्ति खरीदने के नियम को धता बताने के लिए अस्थायी रूप से तलाक ले रहे हैं। जानकारों का कहना है कि इस तरह लिए गए तलाक के कारण देश में संपत्ति के दाम में असामान्य उछाल आया। इस घोटाले का खुलासा तब हुआ, जब अधिकारियों ने तलाक की असामान्य रूप से बढ़ रही संख्या पर गौर किया। उसके बाद संपत्ति के दाम पर लगाम लगाने के लिए नए नियम लागू किए गए। उसका असर दिखा है। तीन मार्च तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक बड़े शहरों में संपत्ति के दामों में लगभग एक चौथाई की गिरावट आ गई है।

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शंघाई की वेबसाइट सिक्स्थटोन.कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक जांच के दौरान कई दंपति घेरे में आए हैं। उनमें वू शिन और उनकी पत्नी भी शामिल हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक शंघाई समेत देश के बड़े शहरों में ये नियम लागू है कि कोई दंपति दो से ज्यादा घर नहीं खरीद सकता। ये प्रतिबंध जायदाद के दाम को नियंत्रित रखने के लिए लागू किया गया था। दंपतियों ने आपसी सहमति से तलाक लेकर इस नियम को नाकाम करने का रास्ता निकाल लिया। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वू और उनकी पत्नी के पास पहले से दो फ्लैट थे। दोनों पति के नाम पर रजिस्टर्ड हैं। अब ये दंपति कोई फ्लैट नहीं खरीद सकता था। इसलिए उन्होंने तलाक लेने की योजना बनाई, ताकि पत्नी सिंगल होने के बाद अपना फ्लैट खरीदने की हकदार हो जाए। योजना यह थी कि फ्लैट खरीदने के बाद दोनों दोबारा विवाह कर लेंगे।

तलाक के मामलों की जांच की गई, तो कई अविश्वसनीय मामले सामने आए। पूर्वी झेजियांग प्रांत में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें दंपति ने पुनर्वास योजना का लाभ उठाने के लिए 23 बार तलाक और पुनर्विवाह किया था।  
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कोरोना महामारी के बाद चीन में जायदाद की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। सिर्फ जनवरी में बीजिंग, ग्वांगझाऊ, शंघाई और शेनझेन जैसे बड़े शहरों में सेकंड हैंड प्रॉपर्टी की कीमत में 1.3 फीसदी का उछाल आया। इसके पहले 2016 में भी बड़े शहरों में फ्लैटों के दामों में तेज बढ़ोतरी हुई थी। तब चीन के अधिकारी के कान खड़े हुए थे। तब फर्जी निवेश से दाम बढ़ाने के मामले सामने आए थे।

अब फर्जी तलाक को इसकी वजह बताया गया है। अब तलाक के मामलों की सख्ती से जांच शुरू की गई है। साथ ही प्रॉपर्टी की कीमतों पर लगाम लगाने के उपाय लागू किए गए हैं। एक नया नियम यह लागू किया गया है कि तलाक लेने के बाद तीन साल की अवधि में तलाकशुदा व्यक्ति तभी प्रॉपर्टी खरीद सकेगा, जब उसने इसके लिए अधिकारियों से पूर्व अनुमति ली हो। अधिकारी संबंधित व्यक्ति के जायदाद संबंधी इतिहास का पूरा जायजा लेने के बाद ही ऐसी अनुमति देंगे।

प्रॉपर्टी कारोबारियों ने अचानक लागू किए गए इन नियमों की आलोचना की है। लेकिन अधिकारियों का कहना है कि उनके पास जल्दी कदम उठाने के अलावा कोई चारा नहीं था। शंघाई स्थित सेंटालाइन प्रॉपर्टी एजेंसी के मुख्य विश्लेषक लू वेनशी ने वेबसाइट सिक्स्थटोन से कहा कि कुछ जगहों पर जायदाद की कीमतें 2016 से भी ज्यादा हो गई थीं। ऐसे में सरकार के लिए जल्द कदम उठाना जरूरी था।

गौरतलब है कि पिछले दिसंबर में सिर्फ शंघाई में 39 हजार घर बिके। यह संख्या दिसंबर 2019 की तुलना में 96 फीसदी ज्यादा थी। जनवरी के पहले तीन हफ्तों में 35 हजार और सेकंड हैंड फ्लैट्स की बिक्री हो गई। लू ने कहा कि जब प्रॉपर्टी के दाम बढ़ते हैं, तो खरीदारों पर एक तरह का जुनून छा जाता है। बीजिंग, शंघाई और शेनझेन जैसे शहर पहले ही जायदाद की कीमत के लिहाज से दुनिया के सबसे महंगे शहर बन चुके हैँ। शंघाई में जनवरी में प्रॉपर्टी की कीमत 9,500 डॉलर प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच गई। यह शहर लोगों की औसत मासिक आमदनी से छह गुना ज्यादा है।

जानकारों ने कहा है कि नए नियमों ने एक तरह से ट्रैंक्वलाइजर की भूमिका निभाई है। नियम लागू होने के एक हफ्ते के अंदर ही प्रॉपर्टी की कीमतों में औसतन 26 फीसदी की गिरावट आई। इस बीच नए नियमों के कारण सहमति से तलाक लेने वाले जिन दंपतियों की मंशा नाकाम हो गई, वे गहरे असमंजस में हैं।

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