ताइवान के लिए खतरा बना चीन अब और बड़ी मुसीबत बन सकता है। दरअसल, राष्ट्रपति शी जिनपिंग के तीसरे कार्यकाल का रास्ता साफ हो गया है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के 'केंद्रीय' नेता के दर्जे का दृढ़ता से बचाव करते हुए शुक्रवार को कहा कि वे राष्ट्र के लिए एक 'जहाज के लंगर' और 'रीढ़ की हड्डी' की तरह हैं। पार्टी ने यह दावा भी किया कि लोकतंत्र पर अमेरिका और पश्चिमी देशों का कोई 'विशेष एकाधिकार' नहीं है। अब अगले साल होने वाली चीनी कांग्रेस में शी के तीसरे कार्यकाल को मंजूरी मिलना तय हो गया है।
बृहस्पतिवार को संपन्न हुई चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की चार दिनी पूर्ण बैठक में देश के राजनीतिक इतिहास में जिनपिंग के केंद्रीय नेता के दर्जे को पुख्ता करते हुए एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया गया। इसके साथ ही अगले साल राष्ट्रपति जिनपिंग के रिकॉर्ड तीसरे कार्यकाल के लिए भी रास्ता साफ कर दिया गया है। सीपीसी के नीति अनुसंधान निदेशक जियान जिनक्वान ने मुख्य नेता के रूप में जिनपिंग की स्थिति का बचाव करते हुए कहा कि वे पार्टी के केंद्रीय, जन नेता और सेना के कमांडर के रूप में बेहद योग्य हैं।
उनका नेतृत्व समय की पुकार, इतिहास की पसंद और लोगों की आकांक्षा है। उनका नेतृत्व पार्टी का सहारा होगा। जियान ने कहा, लोकतंत्र को सिर्फ पश्चिमी देश परिभाषित या निर्धारित नहीं कर सकते। पश्चिम का चुनावी लोकतंत्र वास्तव में पूंजी द्वारा शासित है और यह वास्तविक लोकतंत्र का नहीं बल्कि अमीरों का खेल है।
शी को बताया 'कर्णधार', कहा- लोकनेता
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अधिकारियों ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग को उनके निरंतर नेतृत्व को समर्थन देते हुए शुक्रवार को उन्हें 'कर्णधार' और 'लोकनेता' कहा। चार दिनी बैठक के अंत में प्रस्ताव पारित कर शी के अधिकार बढ़ाए गए लेकिन संकल्प का पूरा पाठ फिलहाल जारी नहीं किया गया है। कर्णधार और लोकनेता का जिक्र 50 साल पहले माओत्से तुंग ने निजी पंथ के दौरान किया गया था।
प्रस्ताव में 17 बार जिनपिंग का जिक्र
पार्टी में जिनपिंग की पकड़ काफी मौजूद है। इसका असर तब दिखाई दिया जब प्रस्ताव में 17 बार जिनपिंग का जिक्र किया गया। इस पूरे प्रस्ताव में सात बार माओ और पांच बाद देंग का जिक्र हुआ।
तीसरा कार्यकाल ताइवान के लिए खतरा
पिछले दिनों ताइवान और चीन के बीच काफी तनाव देखने को मिला था। शी जिनपिंग ने तो यहां तक कह दिया था कि चीन की अखंडता के लिए ताइवान का चीन में शामिल होनाा आवश्यक है। उन्होंने कहा था कि हम चीन को किसी भी सूरत पर चीन में शामिल करके रहेंगे।