उत्तर कोरिया द्वारा परमाणु परीक्षण के मुद्दे पर बीजिंग ने भले ही आपसी मतभेद भुलाकर अमेरिका का समर्थन करने का फैसला किया हो, लेकिन दक्षिण चीन सागर के विवादित द्वीपों पर चीन बहुत जल्द निर्माण शुरू कर सकता है। इससे दो महाशक्तियों के बीच तनाव बढ़ेगा। अमेरिकी विदेशमंत्री उत्तर कोरिया के मुद्दे पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से चर्चा के लिए इसी शनिवार को पहुंचने वाले हैं। इस दौरान यह मुद्दा दोनों नेताओं को असहज कर सकता है। भारत व दुनिया के लिए यह मार्ग अरबों डॉलर के माल की आवाजाही के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
चीन ने दक्षिण चीन सागर के छोटे-छोटे द्वीप समूहों पर निर्माण शुरू करने की योजना बनाई है। इसके तहत वह सबसे पहले सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्काबरा शोआल इलाके के द्वीपों पर इसी साल एक प्रशासनिक बेस बनाने की योजना बना चुका है। इस बेस से दक्षिण चीन सागर के अन्य द्वीपों और समुद्री चट्टानों की सुरक्षा व निगरानी करने की चीन की योजना है। स्काबरा शोआल में इस योजना के अंतर्गत निगरानी केंद्र बनाए जाने हैं। अमेरिका ने पहले ही चेतावनी दी है कि चीन इस विवादित क्षेत्र में किसी तरह का निर्माण न कराए, लेकिन बीजिंग उसे अनसुना कर सकता है।