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भतीजे के मंच पर पहुंचे चाचा शिवपाल, शुभकामनाएं दी, लेकिन छुप न सकीं तल्खियां

Fri, 04 Nov 2016 02:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मुलायम सिंह, शिवपाल यादव व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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सपा में संग्राम के बीच सत्ता में वापसी का सपना संजोए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को अपने चुनावी अभियान का आगाज कर दिया। इस मौके पर सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव भी मौजूद रहे।
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प्रचार, रथ व होर्डिंग्स-बैनर से गायब प्रदेशाध्यक्ष शिवपाल, भतीजे अखिलेश के मंच पर तो पहुंचे, लेकिन तल्खियां छिप न सकीं। मंच पर दोनों ने एक-दूसरे को क्रॉस किया, लेकिन दुआ-सलाम तक नहीं हुई। अलबत्ता भाषण में शिवपाल ने अखिलेश को शुभकामनाएं जरूर दी। लेकिन, अखिलेश ने अपने भाषण में उनका नाम तक नहीं लिया।

वहीं, सपा सुप्रीमो मुलायमसिंह यादव और प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव की मौजूदगी में सीएम अखिलेश का भी दर्द उभर आया। कहा, लोगों ने साजिश की, षड्यंत्र किया, गुमराह किया, जिसके चलते हम डगमगाए जरूर हैं, लेकिन विश्वास है कि प्रदेश में फिर से समाजवादी सरकार बनाएंगे।
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इस मौके पर मुलायम सिंह ने फिर नसीहत दी कि महज नारेबाजी से काम नहीं चलेगा। जब तक जिम्मेदारी का एहसास नहीं होगा, अन्याय के खिलाफ संघर्ष नहीं करोगे, आगे नहीं बढ़ पाओगे।

राजधानी के लामार्टिनियर मैदान में ‘मेगा शो’ के जरिए अखिलेश ‘विकास से विजय की ओर’ नारे के साथ समाजवादी विकास रथ पर सवार होकर जनता से समर्थन मांगने निकले। सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने पार्टी का झंडा दिखाकर रथ को रवाना किया।

लोहिया पथ पर पहुंचते ही जाम हो गए 'मर्सडीज रथ' के पहिए

मैदान से लोहिया पथ पहुंचते ही खासतौर पर तैयार हाईटेक ‘मर्सडीज रथ’ के पहिये जाम हो गए। मुख्यमंत्री बिना इंतजार किए रथ से उतरकर अपनी गाड़ी से ही आगे बढ़ गए। खास बात यह रही कि इस मौके पर मुलायम सिंह के साथ शिवपाल भी पहुंचे और उन्होंने अखिलेश सरकार के साढ़े चार साल के काम को शानदार बताया।

बर्खास्त नेताओं के साथ मंच किया शेयर
शिवपाल को टीम अखिलेश के उन नेताओं के साथ मंच साझा करना पड़ा, जिन्हें वे बतौर प्रदेशाध्यक्ष पार्टी से बर्खास्त कर चुके हैं।

बाद में कहा, उन्हें नहीं आना चाहिए था
शिवपाल ने बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बर्खास्त नेताओं को कार्यक्रम में नहीं आना चाहिए था। वहां इतनी भीड़ थी कि उन नेताओं को रोकना संभव नहीं था। राष्ट्रीय नेतृत्व ने उन्हें निष्कासित किया है, वे नेताजी को प्रार्थनापत्र दें, उचित निर्णत करेंगे।

अखिलेश ने मुलायम को लाने पर लगाया था पूरा जोर

अखिलेश ने सारा जोर मुलायम सिंह को रथयात्रा की शुरुआत में लाने पर लगा दिया था। ऐसा इसलिए कि राष्ट्रीय अध्यक्ष आएंगे, तो प्रदेश अध्यक्ष को मजबूरी में आना ही पड़ेगा। बुधवार तक पहले तक शिवपाल रथयात्रा में जाने पर अनिच्छा जाहिर कर रहे थे। मुलायम पहुंचे, तो उन्हें भी जाना पड़ा। मुलायम-शिवपाल साथ मंच पर पहुंचे।

सीएम बोले- किसी से नाराजगी नहीं
अखिलेश ने कहा, खुशी है कि नेताजी और प्रदेशाध्यक्ष यात्रा को रवाना करने आए। जैसे-जैसे रथ आगे बढ़ेगा कार्यकर्ता व नेता एकसाथ नजर आएंगे। हमारी किसी से नाराजगी नहीं है, न हमसे कोई नाराज है।

पर, आजम नहीं आए
अखिलेश से कहा कि आजम खां नहीं आ पाए, उन्होंने मुझे चिट्ठी लिखी थी। अभी तो रथ पूरे सूबे में चलना है, आगे शामिल जरूर होंगे। वहीं, रामगोपाल यादव का आशीर्वाद हमारे साथ है।
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50 मीटर भी नहीं चला करोड़ों का रथ, रोड शो में बदली यात्रा

लामार्टिनियर ग्राउंड से निकलकर जैसे ही अखिलेश का दो करोड़ रुपये की लागत से बना मर्सडीज का हाईटेक रथ लोहिया पथ की तरफ मुड़ा, उसके पहिये थम गए। रथ खराब हो जाने से हड़कंप मच गया।

हालंकि मुख्यमंत्री रथ छोड़कर अपनी गाड़ी से आगे बढ़ गए। पर, मर्सडीज के इंजीनियर रात तक रथ को दुरुस्त नहीं कर पाए थे। रोड से हटाने के लिए तीन क्रेनें मंगवाई गईं लेकिन रथ हटाया नहीं जा सका।
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