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भारत-जापान की दोस्ती पर बोला चीन- 'विवादित क्षेत्र' में तीसरे देश का दखल बर्दाश्त नहीं

Sat, 16 Sep 2017 09:27 AM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
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डोकलाम विवाद के बाद, भारत और जापान की दोस्ती भी चीन को खटकने लगी है। शुक्रवार को चीनी विदेश मंत्रालय ने बिना जापान का नाम लिए ही उसे चेतावनी दे डाली। मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भारत के उत्तर-पूर्व इलाके में किसी भी तीसरे के इन्वेस्टमेंट पर आपत्ति जताई है।
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उन्होंने कहा कि उत्तर-पूर्व भारत के विवादित क्षेत्र(भारत-चीन सीमा विवाद) में किसी भी देश का इन्वेस्टमेंट भारत-चीन सीमा विवाद के खिलाफ है। 

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग की ने उत्तर-पूर्व भारत में जापान के इन्वेस्टमेंट प्लान के बाद ये प्रतिक्रिया दी है। गौरतलब है कि भारत के दौरे पर आए जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने उत्तर-पूर्वी इलाकों में इन्वेस्टमेंट की इच्छा जाहिर की थी।

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चुनयिंग ने कहा कि किसी भी इन्वेस्टमेंट से पहले आपको यह पता होना चाहिए कि भारत और चीन सीमा पूरी तरह से सीमांकित नहीं है। हमरे बीच पूर्वी सीमा पर कई विवाद हैं। बता दें कि चीन भारत के उत्तरपूर्वी राज्य अरुणाचल प्रदेश को अपना हिस्सा बताता है। चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा मानता है। 
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उन्होंने कहा कि हम किसी ऐसे समाधान की तलाश कर रहे हैं, जो बिना विवाद के दोनों देशो मान सके। इस समय में किसी भी तीसरे देश का हस्तक्षेप हम बर्दास्त नहीं करेंगे। हालांकि इस पूरे बयान में हुआ ने एक बार भी जापान का नाम नहीं लिया। 
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