चीन ने ताइवान को एफ-16 युद्धक विमानों को बेचे जाने संबंधी प्रस्तावित सौदे पर नाराजगी जाहिर की और इसमें शामिल अमेरिकी फर्मों पर प्रतिबंधों की चेतावनी दी। चीन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ‘यदि अमेरिका ने ताइवान को उन्नत एफ -16 वी फाइटर जेट की बिक्री करता है, तो चीन शांत होकर नहीं बैठेगा। इसके साथ ही इस सौदे में शामिल विदेशी कंपनियों को दंडित करने के अलावा अन्य संभावित प्रतिबंध लगा सकता है।’
सैन्य विज्ञान अकादमी में युद्ध अध्ययन संस्थान के प्रमुख कर्नल चेन रोंगडी ने बृहस्पतिवार को एक रक्षा मंच पर कहा कि ‘बीजिंग ने इस सौदे को चीन के साथ अमेरिका के किए गए पिछली प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन माना, क्योंकि यदि आवश्यक हुआ तो वह बल द्वारा अपने स्वयं के क्षेत्र पर विचार करेगा।’ हालांकि, उन्होंने इस बात पर विस्तार से कुछ नहीं बताया कि चीन की इस विषय पर आगे की क्या योजना है।
चीन, ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और उसे अपने में मिलाने की कोशिश में है, लेकिन यह एक स्वायत्त शासन वाला द्वीप है और अमेरिका का करीबी सहयोगी है। वहीं, बीजिंग इसे अपने आंतरिक मामले में गंभीर हस्तक्षेप मान रहा है और वाशिंगटन से 80 लाख के इस सौदे को ‘तत्काल रद्द’ करने मांग की है। ऐसा नहीं करने पर अमेरिकी कंपनियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देते हुए चीन ने उन पर प्रतिबंध लगाने की बात की है।