यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री को सुनने के लिए उत्तरी अमेरिका में जुटने वाली सबसे बड़ी दर्शक संख्या होगी। आयोजक संस्था ने यह भी दावा किया कि पोप फ्रांसिस को छोड़कर किसी अन्य विदेशी नेता को सुनने के लिए आज तक अमेरिका में इतनी भीड़ एकत्र नहीं हुई है। इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए 1000 से ज्यादा वालंटियरों और 650 से ज्यादा संगठनों ने वेलकम पार्टनर के तौर पर योगदान दिया है।