तालिबान द्वारा अफगानिस्तान में एक समावेशी इस्लामी सरकार बनाने और शांति स्थापित करने के वादे के कुछ घंटे बाद, चीन ने चेतावनी दी कि अफगानिस्तान को आतंकियों का अड्डा नहीं बनना चाहिए।
सुरक्षा परिषद में चीन के उपस्थायी प्रतिनिधि गेंग शुआंग ने तालिबान से कहा कि आप शांतिपूर्ण शासन करें लेकिन अफगानिस्तान को आतंकी गुटों की पनाहगाह न बनने दें।
भारत की अध्यक्षता में यूएनएससी की बैठक में चीन ने कहा, शांतिपूर्ण शासन करे तालिबान
शुआंग की यह टिप्पणी अफगानिस्तान की स्थिति पर सुरक्षा परिषद की एक आपात बैठक के दौरान सामने आई। गेंग ने भारत की अध्यक्षता में हुई अफगानिस्तान की स्थिति पर यूएनएससी की एक आपात बैठक में कहा कि अफगानिस्तान में किसी भी भविष्य के राजनीतिक समाधान के लिए यह नीचे की रेखा है जिसे दृढ़ता से रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि तालिबान अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरी ईमानदारी से निभाएगा और आतंकी गुटों से पूरी तरह से निजात पा लेगा। उन्होंने आईएस, अल-कायदा जैसे आतंकी संगठनों को रोकने के लिए दृढ़ कार्रवाई की अपील की।
शुआंग ने ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट को लेकर चेताया कि अल-कायदा का यह सहयोगी आतंकी संगठन दोबारा सक्रिय हो सकता है, इसलिए इस पर विशेष रूप से ध्यान रखने की जरूरत है।
बाइडन ने किया अफगानिस्तान से सैन्य वापसी के फैसले का बचाव, तालिबान को चेतावनी
राष्ट्रपति जो बाइडन ने माना कि अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा अनुमान से ज्यादा तेज हुआ लेकिन जोर दिया कि वे युद्धग्रस्त देश से अमेरिकी सेना को वापस बुलाने के अपने फैसले से पूरी तरह साथ हैं। उन्होंने तालिबान को चेताया कि यदि उसने अमेरिकी कर्मियों पर हमला किया या अफगानिस्तान में उनके अभियानों को बाधित किया तो अमेरिका उसके खिलाफ त्वरित और उग्र कार्रवाई करेगा।