इसी हफ्ते चीन के राष्ट्रीय दिवस पर भेजे अपने संदेश में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से अपील की कि वह ‘चीन विरोधी विवेकहीन ताकतों को कुचल दे।’ किम ने कहा कि ऐसी ताकतों को कुचलने के मुद्दे पर उत्तर कोरिया चीन का पूरा समर्थन करेगा। किम ने यह भी कहा कि चीन कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में चीन ने जो सफलताएं हासिल की हैं, उत्तर कोरिया उसे अपनी कामयाबी मानता है।
विश्लेषकों के मुताबिक अमेरिका को इस क्षेत्र में बन रही इस धुरी का अंदाजा है। अमेरिका के लिए खतरों का जायजा लेते हुए अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की एक ताजा रिपोर्ट में चीन, उत्तर कोरिया, रूस और ईरान को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए मुख्य खतरा बताया गया है। विश्लेषकों ने कहा है कि 1953 में कोरिया युद्ध खत्म होने के बाद से चीन इस क्षेत्र के बारे में सावधानी से नीति तय करता रहा है। इसीलिए उसने दक्षिण कोरिया से भी संबंध कायम रखे हैं।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जाये-इन लगातार इस क्षेत्र को परमाणु हथियारों से मुक्त करने की मांग कर रहे हैं। उत्तर कोरिया के ताजा मिसाइल परीक्षण से सिर्फ एक दिन बाद कोरियाई प्रायद्वीप के लिए चीन के विशेष प्रतिनिधि लिउ शियाओमिंग ने दक्षिण कोरिया के मुख्य वार्ताकार नोह क्यूक-दुक से बातचीत की थी। लेकिन अब ऐसा लगता है कि चीन ने मामले में उत्तर कोरिया के साथ खड़े होने का फैसला कर लिया है।