चीन में कोरोना के दोबारा प्रसार व कम्युनिस्ट प्रशासन द्वारा अपनाई जा रही शून्य कोविड नीति को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने टिकाऊ नहीं बताया। इस टिप्पणी से चीन बौखला गया और उसने डब्ल्यूएचओ के बयान को गैर-जिम्मेदार कहकर पलटवार किया।
बता दें कि चीन ने अपनी शून्य कोविड नीति के तहत देश के दर्जनों शहरों में लाखों लोगों को प्रतिबंधात्मक श्रेणी में रखा है जिससे चीन और उसके बाहर न सिर्फ आर्थिक क्षति हुई बल्कि व्यापक स्तर पर हताशा भी हाथ लगी है। खासतौर पर शंघाई में जिस तरह से लोगों को घरों में कैद रखा गया और उनके खाने-पीने तक की व्यवस्था नहीं हो पाई उसे देखते हुए दुनियाभर में उसकी आलोचना हुई है।
डब्ल्यूएचओ महानिदेशक टेड्रॉस गेब्रेयेसिस ने कहा, चीन की यह शून्य सहिष्णुता की रणनीति टिकाऊ नहीं है और यह दृष्टिकोण में बदलाव का वक्त है। इस पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा, चीन अपनी नीति को तर्कसंगत ढंग से देखता है और इस पर की गई टिप्पणी गैर-जिम्मेदाराना है।
महामारी के बाद भारत का पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर
कोविड-19 महामारी के बाद भारत पश्चिम एशिया क्षेत्र के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है। इसके तहत भरोसा बनाने की रणनीति पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त महानिदेशक रूपिंदर बराड़ ने मंगलवार को यहां अरब ट्रैवल मार्ट के दौरान मीडिया से बात करते हए यह बात कही। अरब ट्रैवल मार्ट की शुरुआत नौ मई को हुई थी।
उन्होंने कहा, भारत उन कठिनाइयों को कम करने का प्रयास कर रहा है, जो महामारी के कारण पर्यटकों के लिए पैदा हुई थीं। उन्होंने कहा, पश्चिम एशिया से बड़ी संख्या में पर्यटक भारत आते हैं और सरकार मध्य-पूर्व में भारतीय पर्यटन को समग्र रूप से बढ़ावा दे रही है।
तनावपूर्ण बने रहेंगे भारत-चीन संबंध: अमेरिकी खुफिया समुदाय
‘अमेरिकी खुफिया समुदाय’ ने सांसदों से कहा कि 2020 में हिंसक झड़प के मद्देनजर भारत-चीन के रिश्ते तनावपूर्ण रहेंगे। उसने भारत-पाक के बीच किसी भी तरह के संभावित संकट पर भी चिंता व्यक्त की है। खुफिया समुदाय ने कांग्रेस की एक सुनवाई के दौरान सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति के समक्ष खतरों के संबंध में अपना वार्षिक आकलन पेश करते हुए कहा कि भारत-चीन में विवादित सीमा पर सैन्य मौजूदगी बढ़ाने से दोनों परमाणु शक्तियों के बीच सशस्त्र टकराव का खतरा बढ़ता है, जो संभवत: अमेरिकी नागरिकों एवं हितों के लिए सीधे तौर पर खतरनाक हो सकता है।
उसने इस संबंध में अमेरिकी दखल की भी अपील की। रिपोर्ट में कहा गया कि पिछले गतिरोध से पता चलता है कि एलएसी पर निरंतर टकराव में तेजी की आशंका है। बता दें, पैंगोंग झील क्षेत्रों में हिंसक झड़प के बाद 5 मई 2020 को भारत व चीन सेना के बीच लद्दाख सीमा पर गतिरोध शुरू हुआ था।