इस ब्लॉग के बाद 38 वर्षीय चाउ जिमिंग को नानजिंग प्रांत की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। चाउ जिमिंग की गिरफ्तारी के बाद चीनी सैनिकों ने उनका एक वीडियो रिलीज किया था, जिसमें ब्लॉगर चाउ जिमिंग को अपनी गलती मानते हुए दिखाया गया था। वहीं अदालत ने अपने फैसले में चाउ जिमिंग को आठ महीने जेल की सजा सुनाई।
सरकार को झूठा और सैनिकों को बताया कायर
ब्लॉगर चाउ जिमिंग ने अपने ब्लॉग में चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के झूठ को सार्वजनिक कर दिया था। साथ ही ब्लॉगर ने चीनी सैनिकों की वीरता पर भी सवाल उठा दिए थे। उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा था कि भारतीय सैनिकों के सामने चीन के सैनिक डर गए थे और मुकाबला करने के लिए तैयार नहीं थे। जिसे चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी ने सैनिकों का अपमान करार दिया है। हालांकि, चीन की शी जिनपिंग सरकार ने भारतीय सैनिकों से झड़प के बाद सेना के लिए नई गाइडलाइंस जारी की थी और उन्हें बेहतर ट्रेनिंग देने को कहा था।
चीन की सरकार ने चीनी सैनिकों को युद्ध की ट्रेनिंग देने की भी बात की थी और कई विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि पीएलए सैनिकों के पास लड़ने का कोई अनुभव नहीं है और वो जब भारतीय सैनिकों के सामने गलवान घाटी में आए थे तो वो बुरी तरह से डर गए थे। जब चीनी ब्लॉगर चाउ जिमिंग ने इसी बात को अपने ब्लॉग में लिखा तो हजारों लोग उनके ब्लॉग को शेयर करने लगे और चीन के अंदर उनका ब्लॉग काफी तेजी से वायरल हो गया था। फिर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था और अब चीन की अदालत ने उन्हें सेना के अपमान का दोषी मानते हुए उन्हें 8 महीने की सजा सुनाई है।