फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US: 'हिंद महासागर में चीन घुसपैठ कर रहा', अमेरिकी सांसद बोलीं- जल क्षेत्र में स्वतंत्र आवागमन में बाधा डाल रहा

Fri, 26 Jul 2024 05:45 AM IST
विशांत श्रीवास्तव वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन डीसी

सार

 अमेरिका की प्रभावशाली सांसद यंग किम ने चीन हिंद महासागर के महत्वपूर्ण मार्गों पर कब्जा कर रहा है। जिससे जल क्षेई में स्वतंत्र आवागमन में बाधा आ रही है। 
विज्ञापन
हिंद महासागर - फोटो : Instagram
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका की प्रभावशाली सांसद यंग किम ने कहा कि चीन हिंद महासागर के प्रमुख क्षेत्रों में अपनी पैठ बना रहा है और इस जल क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से आवागमन के अधिकारों में बाधा डाल रहा है। साथ ही उन्होंने दक्षिण एशियाई देशों में चीन के बढ़ते निवेश पर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा, दक्षिण एशिया अमेरिकी विदेश नीति व राष्ट्रीय सुरक्षा के हितों के लिए अहम है।

विज्ञापन


कांग्रेस की विदेश मामलों की समिति में हिंद-प्रशांत के मुद्दों से संबंधित उपसमिति की अध्यक्ष और अमेरिकी सांसद यंग किम ने कहा, इस क्षेत्र में भू-राजनीतिक परिदृश्य बदल रहा है, जिससे अमेरिका के समक्ष कई चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। वैश्विक व्यापार के लिए हिंद महासागर एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां 80% समुद्री तेल व्यापार और 40% विश्व   व्यापार हिंद महासागर से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) हिंद महासागर में महत्वपूर्ण मार्गों पर कब्जा कर रही है और इस जल क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से आवागमन के अधिकार में बाधा डाल रही है। 

नियंत्रण रेखा पर बढ़ा रहा तनाव
किम ने अमेरिकी संसद में एक महत्वपूर्ण सत्र के दौरान कहा, पिछले महीने मेरी उपसमिति ने हिंद-प्रशांत बजट, दक्षिण चीन सागर तथा ताइवान स्ट्रेट पर चीन के आक्रमक रुख पर चर्चा की थी। सीसीपी भारत की नियंत्रण रेखा पर सीमा संघर्ष को भी बढ़ा रही है और इसकी पनडुब्बियां और युद्धपोत नियमित रूप से हिंद महासागर में आवागमन कर रहे हैं। सहायता और सहयोग न केवल दक्षिण एशिया में अमेरिकी हितों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि उनकी समृद्धि को बढ़ाने और क्षेत्र को स्वतंत्र और खुला रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विज्ञापन


बांग्लादेश में चीन की बढ़ती मौजूदगी से अमेरिका चिंतित
बांग्लादेश में चीन की बढ़ती मौजूदगी की संभावना से अमेरिका चिंतित है। दक्षिण और मध्य एशिया मामलों के सहायक विदेश मंत्री डोनाल्ड लू ने संसदीय सत्र के दौरान सांसदों से कहा, हम बांग्लादेश में चीन की बढ़ती मौजूदगी की संभावना से चिंतित हैं, लेकिन मैं यह कहना चाहूंगा कि बांग्लादेशी लोग इस मामले में बहुत जल्दबाजी नहीं करेंगे और वो इसे लेकर काफी सावधान हैं। 

रूस-चीन का नहीं, भारत का प्रभाव
सांसद बिल कीटिंग ने पूछा, बांग्लादेश में चीन के बढ़ते प्रभाव और रूस के असर को देखते हुए यह बात कितनी चिंता का विषय लगती है। इस पर लू ने जवाब में कहा, बांग्लादेश में सबसे प्रभावशाली देश वास्तव में रूस या चीन नहीं, बल्कि भारत है और बांग्लादेश व पूरे व्यापक क्षेत्र में हमारी नीतियों के बारे में भारत के साथ हमारी सक्रिय बातचीत होती है। उन्होंने देश में शांति बहाली की उम्मीद जताई। सांसद यंग किम बोलीं, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के लिए एक प्रमुख व्यापारिक भागीदार है और ये देश अमेरिका के रणनीतिक साझेदार भारत के पड़ोसी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें