विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय चीन की अर्थव्यवस्था कई मुश्किलों का सामना कर रही है। इनमें सबसे बड़ी समस्या महंगाई की है। देश का उत्पादक मूल्य सूचकांक अगस्त में 13 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। इसकी सबसे बड़ी वजह पेट्रोलियम के दाम में बढ़ोतरी को बताया गया। बिजली की मांग भी देश में तेजी से बढ़ रही है। इस कारण कई प्रांतों में बिजली की सप्लाई बाधित हुई है।
कुछ दिन पहले चीन सरकार ने चेतावनी दी थी कि अगर पेट्रोलियम और बिजली की कीमत में बढ़ोतरी जारी रही, तो उसका असर आर्थिक वृद्धि दर और रोजगार की सूरत पर पड़ेगा। सरकार ने कहा था कि खास कर छोटे और मझोले कारोबारियों पर इस महंगाई का बहुत बुरा असर हो रहा है।
पिछले महीने जारी एक सरकारी सर्वे के मुताबिक अगस्त में आर्थिक वृद्धि दर महामारी शुरू होने के बाद सबसे निचले स्तर पर रही। महंगाई का खराब असर सेवा क्षेत्र पर भी पड़ा है। अब सरकार ने तेल बेच कर इन समस्याओं पर काबू पाने की कोशिश की है। लेकिन ये कदम कितना कारगर होगा, इसे लेकर संशय बना हुआ है।