चीन ने चार साल पहले ही एक बच्चे की नीति खत्म की थी। यहां एक बच्चे की नीति साल 1980 में लागू की गई थी। लेकिन उसकी इस नीति से कई समस्याएं खड़ी हो गई थीं। इसके चलते यहां बुजुर्गों की संख्या बढ़ने लगी। इसके बाद सरकार ने इस नीति को खत्म किया और कई प्रांतों में ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए सहायता और सुविधाएं दीं। बावजूद इसके तीसरी संतान होने पर कुछ चीनी माता-पिता को सजा दी जा रही है।
पिछले महिला युनफू शहर में एक स्कूली शिक्षिका शी झेंगलिंग का मामला खूब सुर्खियों में रहा। शी ने जनवरी में अपने तीसरे बच्चे को जन्म दिया था। इसपर सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई की। उन्हें और उनके पुलिसकर्मी पति को नौकरी से निकाल दिया गया। बता दें कि चीन में सरकारी कर्मचारियों को दो से ज्यादा बच्चे पैदा करने पर नौकरी से निकालने का सख्त नियम है।
ये खबर वायरल हो गई। माइक्रो ब्लॉगिंग साइट वीबो पर शी से जुड़ी ये खबर करीब 90 लाख बार पढ़ी गई। चीन में एक बच्चे की नीति के चलते ऐसे परिवारों की संख्या यहां करीब 15 करोड़ है। जबतक ये नियम लागू रहा यहां करोड़ों गर्भपात और नसबंदियां जबर्दस्ती कराई गई थीं। इसका विरोध करने वाले लोगों के घर ढहा दिए गए थे। अब इस तरह का सख्त नियम तीसरा बच्चा पैदा होने पर लगाया गया है। यानताई शहर में तीसरा बच्चा होने पर 29 लाख रुपये तक जुर्माना अदा करना पड़ता है।