जलवायु सम्मेलन समझौते में भारत के कोयले के उपयोग को ‘समाप्त’ करने के बजाय ‘घटाने’ के प्रस्ताव का बचाव करते हुए चीन ने कहा कि पहले विकसित देश अपने यहां कोयले का उपयोग बंद करें और विकासशील देशों को धन मुहैया कराएं। उल्लेखनीय है कि ग्लासगो में शनिवार को संपन्न कॉप26 सम्मेलन में 200 देशों ने जलवायु परिवर्तन पर भारत के सुझाव वाले नए समझौते को मान लिया।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लीजियान ने कहा कि कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए सभी देश काम कर रहे हैं। कॉप26 के चेयरमैन आलोक शर्मा की उस टिप्पणी पर लीजियान जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत और चीन को विकासशील देशों को सफाई देनी चाहिए कि उन्होंने ताप विद्युत उत्पादन में कोयले के उपयोग को बंद करने के बजाय उसका इस्तेमाल घटाने पर जोर क्यों दिया और समझौते की भाषा में यह बदलाव क्यों किया।