फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

China: चीन में कोयले की खदान में दुर्घटना; 12 लोगों की मौत, 13 घायल

Thu, 21 Dec 2023 03:23 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

चीन में खदान दुर्घटनाएं आम हैं, लेकिन हाल के वर्षों में इनमें मरने वालों की संख्या में कमी आई है। चीन कोयले का सबसे बड़ा निर्माता और उपयोगकर्ता है।
विज्ञापन
चीन में कोयले की खदान। - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चीन के हेईलोंगजिआंग प्रांत में कोयले की खदान में दुर्घटना में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 13 लोग घायल हो गए। चीनी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह दुर्घटना हेंगशान जिले में कुनयुआन कोयला खदान में हुई। दुर्घटना में घायल 13 लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है।

विज्ञापन


चीन में खदान दुर्घटनाएं आम हैं, लेकिन हाल के वर्षों में इनमें मरने वालों की संख्या में कमी आई है। चीन कोयले का सबसे बड़ा निर्माता और उपयोगकर्ता है।

ज्वालामुखी के धमाके में भारत ने राहत भेजी
भारत ने बृहस्पतिवार को पापुआ न्यू गिनी में ज्वालामुखी विस्फोट से प्रभावित लोगों के लिए 10 लाख डॉलर की राहत सामग्री भेजी। यहां माउंट उलावुन में एक बड़े ज्वालामुखी विस्फोट के कारण द्वीप राष्ट्र में व्यापक क्षति और विनाश हुआ है। धमाके से प्रभावित क्षेत्र में 26,000 से अधिक लोगों को निकाला गया। विदेश मंत्रालय ने कहा, पापुआ न्यू गिनी के ज्वालामुखी विस्फोट से प्रभावित लोगों के लिए भारत द्वारा घोषित 10 लाख अमेरिकी डॉलर की राहत सामग्री एक विशेष चार्टर उड़ान से पोर्ट मोरेस्बी के लिए रवाना की गई।

चार वर्ष पूर्व लापता भारतवंशी की सूचना पर मिलेंगे 10,000 डॉलर
अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो ने चार वर्ष पूर्व न्यूजर्सी से लापता हुई भारत की 29 वर्षीय छात्रा मयूशी भगत के बारे में जानकारी देने वाले को 10,000 डॉलर इनाम देने की घोषणा की है। मयूशी को आखिरी बार 29 अप्रैल, 2019 की शाम को जर्सी सिटी में अपने अपार्टमेंट से निकलते देखा गया था। एफबीआई व जर्सी सिटी पुलिस विभाग मयूशी के लापता होने की गुत्थी सुलझाने में जनता की मदद मांग रहे हैं।
विज्ञापन


चंद्रमा के लिए भावी मिशन में विदेशी को भेजेगा अमेरिका
नासा ने घोषणा की है कि वह एक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री को अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अपने भावी चंद्र मिशन पर भेजेगा। यह मिशन इस दशक के अंत तक भेजा जा सकता है। यह अंतरिक्ष यात्री किस देश का होगा, इसका खुलासा अभी नहीं किया गया है। हालांकि नासा प्रमुख बिल नेल्सन ने पिछले महीने भारत यात्रा के दौरान बताया था कि नासा अगले वर्ष इसरो के जरिये भारतीय को   अंतरिक्ष में भेजने में रुचि रखती है। नासा ने अंतरिक्ष क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए 2020 में आर्टिमिस संधि तैयार की थी। इसमें भारत सहित 33 देश हस्ताक्षरकर्ता हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं देशों में से किसी एक से अंतरिक्ष यात्री का चयन चंद्रमा पर लैंडिंग मिशन में हो सकता है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें