चीन ने दुनिया का सबसे बड़ा जलविद्युत बांध बनाने का दावा किया है। चीन ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर इस जलविद्युत संयंत्र को शुरू कर करने का एलान करते हुए इसका पूरा श्रेय कम्युनिस्ट पार्टी को दिया है। चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कहा, पार्टी की 100वीं वर्षगांठ के मौके पर देश को विश्व के सबसे बड़े हाइड्रोपॉवर संयंत्र का तोहफा दिया गया है।
चीन ने देश के दक्षिण पश्चिम में इस बड़े बांध पर एक बड़े जलविद्युत स्टेशन की दो इकाइयां शुरू कीं। यह स्टेशन निर्माणाधीन है और इस पर करीब 34 अरब डॉलर का खर्च आएगा। जलविद्युत स्टेशन जीन्शा नदी पर स्थित है जो यांगत्सी नदी का ऊपरी हिस्सा है और यह दक्षिण पश्चिमी प्रांत युन्नान एवं सिचुआन तक फैला हुआ है। चीन ने यांगत्सी नदी पर तीन बड़े बांध बना लिए हैं और भारत के अरुणाचल प्रदेश के नजदीक तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर बड़ा बांध बनाने की तैयारी कर रहा है।
इन बांधों के निर्माण पर करीब 220 अरब युआन (34 अरब डॉलर) का खर्च आने का अनुमान है। बैहीतान जलविद्युत स्टेशन की कुल क्षमता 1.6 करोड़ किलोवाट बताई गई है और इसमें 16 विद्युत उत्पादन इकाइयां हैं। इनमें प्रत्येक की क्षमता दस लाख किलोवाट की है। यह दुनिया में सर्वाधिक क्षमता वाली एकल इकाई है।
हाइड्रोपॉवर स्टेशन की खासियत
बैहीतान हाइड्रोपावर स्टेशन के चीफ इंजीनियर चेन जियानलिन ने बताया कि यह एक विश्व स्तरीय परियोजना है और फिलहाल दुनिया में कोई भी बांध इससे बेहतर नहीं है। 2017 में बैहीतान बांध परियोजना को नाजुक भूविज्ञान, घाटी में गर्म और शुष्क हवा, और बड़े उत्खनन कार्य को दूर करने जैसी कठिनतम तकनीकी समस्याएं दूर करते हुए बनाया गया है। इसमें सबसे बड़ी भूमिगत गुफाएं, 300 मीटर ऊंचे बांध का सबसे बड़ा भूकंपरोधी पैरामीटर और सबसे बड़ी स्पिलवे गुफाएं शामिल हैं।
10 लाख किलोवाट का जेनरेटर
रिपोर्ट के मुताबिक, बैहीतान हाइड्रोपावर बांध में 10 लाख किलोवाट का जेनरेटर लगा है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। दावा किया गया है कि इस जेनरेटर का निर्माण चीन में ही किया गया है। ये जेनरेटर 50 मीटर से ज्यादा ऊंचा है और इसका वजन 8 हजार टन है। चीफ इंजीनियर ने दावा किया है कि 10 लाख किलोवाट का ये जेनरेटर एक सामान्य चीनी परिवार को 400 सालों तक बिजली दे सकता है।