कोरोना वायरस की जांच (सांकेतिक तस्वीर)
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शोधकर्ताओं ने एक टैबलेट के आकार का उपकरण विकसित किया है जो सार्स-सीओवी-2 की प्रतिक्रिया में उत्पन्न एंटीबॉडी और चार अन्य कोरोना वायरस के बीच सौ फीसदी सटीकता के साथ अंतर पता लगा सकता है। उपयोग में आसान ऊर्जा स्वतंत्र इस उपकरण को यूएस की ड्यूक यूनिवर्सिटी की टीम ने प्रदर्शित किया है। यह एक साथ कई कोविड-19 एंटीबॉडी और बायोमार्कर का मजबूती से पता लगा सकता है।
शोधकर्ता अब यह देखने के लिए काम कर रहे हैं कि प्वाइंट-ऑफ-केयर डिवाइस का उपयोग कोविड-19 संक्रमण की गंभीरता या वायरस के प्रकारों के खिलाफ किसी व्यक्ति की प्रतिरक्षा की भविष्यवाणी करने के लिए किया जा सकता है। शोधकर्ताओं ने हाल ही में दिखाया है कि ‘डी 4 ऐसे’ नाम का यह उपकरण गोल्ड स्टैंडर्ड पोलीमरेज चेन रिएक्शन (पीसीआर) परीक्षण से एक दिन पहले इबोला संक्रमण का पता लगा सकता है। साइंस एडवांसेज जर्नल में 25 जून को प्रकाशित परिणाम दिखाते हैं कि यह तकनीक वर्तमान या भविष्य की अन्य बीमारियों के अनुकूल होने के लिए कितनी लचीली हो सकती है।
ड्यूक में प्रोफेसर आशुतोष चिलकोटी ने कहा, ‘डी 4 ऐसे’ को विकसित होने में छह साल लगे। जब डब्ल्यूएचओ ने प्रकोप को महामारी घोषित किया, तो हमने काम को कुछ महीनों में पूरा करने के लिए कार्य करना शुरू कर दिया ताकि हम यह पता लगा सकें कि परीक्षण को सार्वजनिक स्वास्थ्य उपकरण के रूप में कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा, हमारा परीक्षण अनुकूलनीय और प्वाइंट-ऑफ-केयर दोनों के लिए डिजाइन किया गया है। पोर्टेबल, तेज और कम खर्च वाला यह निदान सबसे उपयोगी होगा।