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ISRO: इसरो का मजाक उड़ाने वाले पूर्व पाकिस्तानी मंत्री हुए तारीफ करने को मजबूर, कहा- चंद्रयान-3 मिशन ऐतिहासिक

Wed, 23 Aug 2023 09:30 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

इमरान खान शासन के तहत पूर्व विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री रहे फवाद हुसैन ने भारत को चंद्रयान-3 मिशन के लिए बधाई दी। कहा कि यह मानव जाति के लिए ऐतिहासिक क्षण है, खासकर भारत, वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष से जुड़े लोगों के लिए।
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पाकिस्तान के पूर्व मंत्री फवाद हुसैन - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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भारत के चंद्रयान-3 मिशन पर दुनियाभर के लोगों की निगाहें अटकी हुई हैं। हर कोई इसे लैंड करते हुए देखना चाहता है। जो पड़ोसी देश वर्षों से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का मजाक बना रहे थे, आज उनके मुंह से भी वाहवाही सुनने को मिल रही है। दरअसल, पाकिस्तान के पूर्व मंत्री फवाद हुसैन ने मंगलवार को भारत के तीसरे चंद्र मिशन की प्रशंसा की। इतना ही नहीं, उन्होंने इसे मानव जाति के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया।

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पाकिस्तानी मीडिया से किया यह अनुरोध

इमरान खान शासन के तहत पूर्व विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री रहे फवाद ने भारत को बधाई दी। साथ ही, अपने देश से बुधवार शाम को चंद्रयान -3 की चंद्रमा लैंडिंग का प्रसारण करने का आग्रह किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पहले भारत को बधाई दी। फिर कहा कि पाकिस्तान की मीडिया को भारत का चंद्रयान-3 जब बुधवार शाम छह बजकर 15 मिनट पर चांद पर लैंड करेगा तब उसे लाइव दिखाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह मानव जाति के लिए ऐतिहासिक क्षण है। खासकर, भारत के लोगों, वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष से जुड़े लोगों के लिए। 

पहले भी दे चुके बधाई

बता दें, यह पहली बार नहीं है, जब फवाद ने भारत को बधाई दी। इससे पहले उन्होंने 14 जुलाई को भारत के अंतरिक्ष और विज्ञान समुदाय को बधाई दी थी, जब इसरो ने तीसरा चंद्रमा मिशन लॉन्च किया था। 

वर्षों पहले उड़ाया था मजाक

हालांकि, इससे पहले पूर्व पाकिस्तानी मंत्री भारत की अंतरिक्ष एजेंसी का काफी मजाक बना चुके हैं। साल 2019 में जब चंद्रयान -2 मिशन लॉन्च करने पर उन्होंने मोदी सरकार पर हमला किया था। उन्होंने कहा था कि किसी अज्ञात क्षेत्र में 900 करोड़ रुपये लगाना बुद्धिमानी नहीं है। बाद में, चंद्रयान -2 मिशन असफल हुआ तो उन्होंने 'इंडिया फेल्ड' हैशटैग का इस्तेमाल किया था। 

अब जानिए कब होगी लैंडिंग

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चंद्रयान-3 बुधवार यानी 23 अगस्त को ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करेगा। इसे लेकर पूरा देश आशांवित है। उम्मीद भरी नजरें इन लम्हों को लाइव देखना चाहती हैं। ISRO ने बताया है कि चंद्रयान-3 बुधवार को शाम छह बजकर चार मिनट पर चांद पर उतरेगा।

लैंडिंग मॉड्यूल को उतारने के चरण ऐसे होंगे
  • पहला चरण : इस चरण में यान की सतह से 30 किमी की दूरी को घटा कर 7.5 किमी पर लाया जाएगा।
  • दूसरा चरण : इसमें सतह से दूरी 6.8 किमी तक लाई जाएगी। इस चरण तक यान का वेग 350 मीटर प्रति सेकंड रह जाएगा, यानी शुरुआत से करीब साढ़े चार गुना कम।
  • तीसरा चरण : इसमें यान को चंद्र सतह से महज 800 मीटर की ऊंचाई तक लाया जाएगा। यहां से दो थ्रस्टर इंजन उसे उतारेंगे। इस चरण में यान का वेग शून्य प्रतिशत सेकंड के बेहद करीब पहुंच जाएगा।
  • चौथा चरण : इस चरण में यान को सतह के 150 मीटर करीब तक लाया जाएगा। इसे वर्टिकल डिसेंट कहते हैं, यानी खड़ी लैंडिंग।
  • पांचवां चरण : इस चरण में यान में लगे सेंसर और कैमरा से मिल रहे लाइव इनपुट को पहले से स्टोर किए गए रेफरेंस डाटा से मिलाया जाएगा। इस डाटा में 3,900 तस्वीरें भी शामिल हैं, जो चंद्रयान 3 के उतरने वाली जगह की हैं। इस तुलना से निर्णय होगा कि चंद्र सतह से ऊपर जहां लैंडर स्थित है, वहां से उसे सीधे सतह पर उतारें तो लैंडिंग सही रहेगी या नहीं। अगर ऐसा लगा कि लैंडिंग की जगह अनुकूल नहीं है, तो वह थोड़ा दाईं ओर या बाईं ओर मुड़ेगा। इस चरण में यान चंद्र सतह के 60 मीटर तक करीब पहुंचाया जाएगा।
  • छठा चरण : यह लैंडिंग का आखिरी चरण है, इसमें  लैंडर को सीधे चंद्र सतह पर उतार दिया जाएगा।

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