नगरपालिका के अधिकारियों के फैसले पर हिंदू समुदाय और दक्षिण अफ्रीकी महासभा ने विरोध जताया था। साथ ही कोर्ट जाने की चेतावनी दी थी। इसी वजह से अधिकारियों को अपना फैसला बदलना पड़ा।
दक्षिण अफ्रीका हिंदू महासभा अध्यक्ष अश्विन त्रिकमजी ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, "हम आतिशबाजी के लिए कोई निश्चित जगह न देने के उनके फैसले को कानूनी तौर पर चुनौती देने के लिए तैयार थे, क्योंकि यह समानता और धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन था।'
बता दें कि पटाखे जलाने को लेकर पूरे दक्षिण अफ्रीका में काफी सख्त नियम हैं। इतना ही नहीं सड़कों और पार्क जैसे इलाकों में या कोई सार्वजनिक प्रदर्शन करने से पहले अनुमति लेने की भी जरूरत होती है।
उधर, डरबन में एक आयोग ने दिवाली पर सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाने के लिए अभी से बातचीत शुरू करने काे कहा है। बता दें कि डरबन में सबसे ज्यादा भारतीय मूल के लाेग रहते हैं। यहां पिछले साल दिवाली पर कुछ नस्लभेदी घटनाएं हुई थीं।