बकिंघम पैलेस ने सोमवार को महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की अंतिम यात्रा का विवरण सार्वजनिक किया। महारानी का आठ सितंबर को उनके बाल्मोरल कैसल स्थित ग्रीष्मकालीन आवास पर निधन हो गया था। वह 96 साल की थीं।
बताया जा रहा है कि वेस्टमिंस्टर एबे में सोमवार को महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसके बाद पूरे ब्रिटेन में दो मिनट का मौन रखा जाएगा। ताकि पूरे देश की जनता को दिवंगत महारानी को श्रद्धांजलि देने का अवसर मिले।
अंतिम संस्कार से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए एडवर्ड विलियम फिटजालान होवार्डने को प्रभारी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अंतिम संस्कार और अन्य कार्यक्रमों का उद्देश्य दुनिया भर के लोगों को एकजुट करना और सभी धर्मों के लोगों के साथ इसे प्रतिध्वनित करना है।
अंतिम संस्कार के तहत महारानी को श्रद्धांजलि देने के लिए विभिन्न देशों के राष्ट्रप्रमुख समेत करीब 2000 अतिथि भाग लेंगे। इसके बाद महारानी के ताबूत को घोड़ों वाली तोपगाड़ी से निकाला जाएगा। इसके बाद पार्थिव शरीर को राजकीय शववाहन से विंडसर तक ले जाया जाएगा। यहां पर महारानी के शव को उनके दिवंगत पति प्रिंस फिलिप की कब्र के साथ दफनाया जाएगा। प्रिंस फिलिप का पिछले साल निधन हो गया था।
महारानी को श्रद्धांजलि देने लोगों ने किया मीलों लंबी कतार में इंतजार
ब्रिटेन में हर कोई महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की मौत पर उन्हें श्रद्धांजलि देने वेस्टमिंस्टर हॉल स्थित उनके ताबूत के दर्शन करना चाहता है। इसके लिए लोग मीलों लंबी कतार में खड़े रहकर भी गुरुवार को अपनी बारी का इंतजार करते देखे गए। यहां लोग रात भर घंटों तक कतार में खड़े रहे। दोपहर तक यह कतार टेम्स नदी के दक्षिण तट के पास करीब तीन मील (5 किमी) तक फैली हुई देखी गई। यहां दर्शनों के लिए आने वाले कई लोग विदेशों से भी आए। शोक जताने वाले लोगों में पूर्व प्रधानमंत्री टेरीजा मे और उनके पति फिलिप शी शामिल हुए। इस दौरान ताइवान की एमी साई ने भी महारानी के दर्शन किए। मौके पर किंग चार्ल्स और उनके बेटे प्रिस विलियम और हैरी भी मौजूद रहे।
ताबूत के पास खड़ा रॉयल गार्ड अचानक गिरा
दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का ताबूत लंदन स्थित वेस्टमिंस्टर हॉल में रखा गया है। यहां का एक वीडियो सामने आया है जिसमें महारानी के ताबूत के पास खड़ा एक रॉयल गार्ड अचानक गिरते देखा गया। उसे तत्काल वहां से उठाया गया। बुजुर्ग गार्ड उनके ताबूत के पास ड्यूटी दे रहा था, जो स्वास्थ्य कारणों के चलते अचानक गिर गया। वह लंबे समय से वहां खड़ा था। बाद में यहां तैनात गार्डों की ड्यूटी लगातार बदलते रहने के आदेश दिए गए।