हाउस ऑफ लॉर्ड्स में ब्रिटिश सिख सहकर्मी लॉर्ड कुलवीर रेंजर को नशे में दुर्व्यवहार के लिए निलंबित कर दिया गया है। इस बाबत, ब्रिटेन की संसद की आचरण समिति ने अपनी रिपोर्ट भी जारी कर दी है। इस रिपोर्ट में आचरण समिति ने कहा है कि ब्रिटिश सिख सहकर्मी लॉर्ड कुलवीर को हाउस ऑफ लॉर्ड्स में नशे की घटना के बाद धमकाने और उत्पीड़न पर आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। ऐसे में उन्हें तीन सप्ताह के लिए निलंबित कर दिया गया है। इतना ही नहीं, एक साल के लिए उनके संसद के बार में भी प्रवेश पर रोक लगाने की भी अनुशंसा की गई है।
जानकारी के मुताबिक, अपने आचरण के लिए लॉर्ड कुलवीर रेंजर ने माफी भी मांगी है। अब अगले महीने की शुरुआत में सदन की बैठक फिर से शुरू होने के बाद मंजूरी के निष्कर्षों पर सहमति के लिए उनकी रिपोर्ट अब लॉर्ड्स के समक्ष पेश की जाएगी। इस रिपोर्ट में काफी विस्तार से बताया गया है कि कैसे दो शिकायतकर्ताओं पर उन्होंने अनुचित टिप्पणियां की और उन्हें धमके देने के साथ ही उनकी पिटाई भी की।
समिति की यह रिपोर्ट हाउस ऑफ लॉर्ड्स के मानक आयुक्त मार्टिन जेली के नतीजों पर आधारित है। उन्होंने घटना के बाद निष्कर्ष निकाला था कि कुलवीर रेंजर ने संसदीय आचार संहिता के अनुच्छेद 19 का उल्लंघन किया है। इससे पहले, शिकायतकर्ताओं, आचार संहिता के अनुच्छेद 19 का उल्लंघन किया है। इससे पहले दोनों शिकायतकर्ताओं ने 17 जनवरी की घटना के बाद फरवरी में रेंजर के व्यवहार के बारे में शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि जब वे लॉर्ड्स में स्ट्रेंजर्स बार में थे उस वक्त कुलवीर रेंजर ने बिना उनको जाने उनके पास आए। इस दौरान दोनों ने उनसे बात की। हालांकि वह बेहद नशे में धुत लग रहे थे। इस दौरान कुलवीर दोनों शिकायतकर्ताओं पर चिल्लाया और गाली देकर उनके निजी स्थान पर हमला कर दिया। इसके बाद वहां मौजूद अन्य लोगों ने रेंजर को बार से बाहर निकाला।