ब्रिटिश के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक लैंगिक समानता पर दिए गए अपने बयान को लेकर इन दिनों चर्चा में हैं। चार अक्तूबर तो कंजर्वेटिव पार्टी कॉन्फ्रेंस में अपने समापन भाषण के दौरान पीएम सुनक ने लैंगिग बहस पर अपना रुख साझा किया था।
ब्रिटिश के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक लैंगिक समानता पर दिए गए अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। चार अक्तूबर को कंजर्वेटिव पार्टी कॉन्फ्रेंस में अपने समापन भाषण के दौरान पीएम सुनक ने लैंगिक बहस पर अपना रुख साझा करते हुए कहा था, एक पुरुष सिर्फ पुरुष है और एक महिला सिर्फ महिला।
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कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पीएम सुनक ने कहा, 'हमें इस बात पर विश्वास नहीं करना चाहिए कि लोग अपने हिसाब से किसी भी लिंग के हो सकते हैं। ऐसे नहीं हो सकता है। एक पुरुष हमेशा पुरुष है और एक महिला केवल एक महिला है। यह केवल सामान्य ज्ञान है।' उन्होंने आगे कहा, 'हम इस देश को बदलने जा रहे हैं, इसका मतलब है जीवन का मतलब है जीवन। यह कोई विवादसास्पद स्थिति नहीं होनी चाहिए। परिश्रमी लोगों का एक विशाल बहुमत इस बात से सहमत है। यह अभिभावकों के लिए भी विवादास्पद नहीं होना चाहिए कि उनके बच्चे संबंधों को लेकर क्या सीख रहे हैं।'
पीएम सुनक के इस बयान पर कई लोगों ने सहमति जताई है, तो वहीं समलैंगिक समुदाय के लिए किए गए उनके बयान को कुछ लोगों ने अनुचित ठहराया है। वहीं कुछ अन्य लोगों का मानना है कि उनकी यह टिप्पणी सामान्य ज्ञान से कोसो दूर है। पीएम सुनक के बयान पर एक यूजर ने लिखा, 'मैं सुनक द्वारा गणित पर बात करने को लेकर तंग आ चुका हूं, लेकिन उनका जीव विज्ञान बहुत कमजोर है। बायोलॉजिकल सेक्स बहुत जटिल है और काफी मजेदार भी। यह बिलकुल भी सामान्य ज्ञान नहीं है।' वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, 'टोरी पार्टी दिन पर दिन अधिक कट्टरपंथी होते जा रही है, जो कि वास्तव में बहुत डरावना है।'
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पीएम सुनक का बयान तीन अक्तूबर को स्वास्थ्य सचिव स्टीव बार्कले के उस बयान के बाद आया, जिसमें बार्कले ने कहा था कि इंग्लैंड के अस्पताल के महिला वॉर्ड में समलैंगिक महिलाओं पर प्रतिबंध लगाने की योजना पर प्रस्ताव रखा जाएगा।