30 अक्टूबर को इंग्लैंड के पोर्ट टाउन ऑफ डोवर में इमिग्रेशन सेंटर पर एक संदिग्ध व्यक्ति ने बम फेंके थे। इस घटना में कुछ लोग घायल भी भी हो गए थे वहीं, संदिग्ध व्यक्ति को मृत पाया गया था।
ब्रिटेन के इमिग्रेशन सेंटर पर फायर-बम हमले की घटना में ब्रिटिश पुलिस ने अहम खुलासा किया है। ब्रिटेन की पुलिस ने दावा किया है कि यह हमला आतंकवादी विचारधारा से प्रेरित था। पुलिस ने यह भी कहा कि ब्रिटेन के इमिग्रेशन सेंटर पर हमले के दौरान पेट्रोल बम फेंके गए थे। इसके सबूत भी मिले हैं। उसके अलावा इसके पीछे दक्षिणपंथी विचारधारा से प्रेरित आतंकवादियों का हाथ है।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 30 अक्टूबर को इंग्लैंड के पोर्ट टाउन ऑफ डोवर में इमिग्रेशन सेंटर पर एक संदिग्ध व्यक्ति ने बम फेंके थे। इस घटना में कुछ लोग घायल भी भी हो गए थे वहीं, संदिग्ध व्यक्ति को मृत पाया गया था। पुलिस ने बताया है कि हमले का संदिग्ध जो कि मर चुका है उसकी पहचान एंड्रयू लीक के रूप में हुई है। वह बकिंघमशायर के हाई वायकोम्बे का रहने वाला था और उसकी उम्र 66 साल बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंग्लैंड के पोर्ट टाउन ऑफ डोवर में इमिग्रेशन सेंटर की जेट फ़ॉइल साइट पर दो या तीन कच्चे पेट्रोल बम से हमला करने के बाद बकिंघमशायर के हाई वायकोम्बे के 66 वर्षीय एंड्रयू लीक ने पास के ही एक पेट्रोल स्टेशपर आत्महत्या कर ली।
सरकार बाहर से आने वालों पर लगाना चाह रही अकुंश
गौरतलब है कि बीते रविवार को हुई यह घटना ऐसे समय में हुई है जब सरकार लगातार बाहर से आने वाले लोगों पर लगाम लगाना चाहती है। वहीं, कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि यह हमला पश्चिमी जेट फ़ॉइल सीमा बल केंद्र पर किया जो कि प्रमुख चैनल बंदरगाह शहर के पास स्थित है। यहां पर बाहर से आने वाले लोगों को काम करने के लिए शरण देने के लिए एक इमिग्रेशन सेंटर खोला गया है।
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सुएला ब्रेवरमैन ने दी प्रतिक्रिया
वहीं, ब्रिटेन की दोबारा गृह मंत्री बनी भारतीय मूल की सुएला ब्रेवरमैन ने भी इस घटना को लेकर ट्वीट किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि ये परेशान करने वाली घटना है। वह इस घटना के संबंध में पूरी जानकारी ले रही हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में यह भी लिखा कि पीड़ित लोगों के साथ उनकी संवेदनाएं हैं।