भारतीय मूल के कंजर्वेटिव पार्टी के पूर्व सांसद आलोक शर्मा को किंग चार्ल्स-तृतीय ने 'सहकर्मी' पद से सम्मानित किया है। वह अब हाउस ऑफ लॉर्ड्स में अपनी सीट ग्रहण करेंगे। शर्मा ने पिछले हफ्ते दोबारा चुनाव न लड़ने का फैसला लिया था।
उत्तर प्रदेश के शहर आगरा में जन्मे 56 वर्षीय नेता अब लोर्ड शर्मा बन गए हैं। उन्हें दो साल पहले किंग चार्ल्स-तृतीय ने सीओपी-26 जलवायु शिखर सम्मेलन में अपने नेतृत्व से जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने और भविष्य में इससे निपटने में बड़ा योगदान देने के वाले ऐतिहासिक समझौते के लिए नाइटहुड की उपाधि से सम्मानित किया था।
शर्मा ने एक्स पर लिखा, हाउस ऑफ लॉर्ड्स में नियुक्त होने पर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। लेकिन यह देखकर बहुत दुख हुआ कि रीडिंग वेस्ट और मिड बर्कशीर से कई अच्छे कंजर्वेटिव उम्मीदवार चुनाव हार गए। उनके पिछले निर्वाचन क्षेत्र में लेबर पार्टी की नेता ओलिविया बेली ने जीत दर्ज की है। ओलिविया को एक सभ्य नागरिक बताते हुए शर्मा ने कहा, मुझे भरोसा है कि इस निर्वाचन में वह लगन से सेवा करेंगी।
शर्मा के रीडिंग वेस्ट निर्वाचन क्षेत्र की सीमा में बदलाव हुआ, जिसके बाद रीडिंग वेस्ट और मिड बर्कशीर निर्वाचन क्षेत्र बने हैं। शर्मा ने जब पिछले साल सितंबर में अगला चुनाव न लड़ने के फैसले की घोषणा की थी, तब उन्होंने कहा था, यह मेरे लिए आसान फैसला नहीं था। यह मेरे सम्मान की बात रही है कि मैंने उस शहर के एक निर्वाचन क्षेत्र के लिए सांसद के रूप में सेवा की, जहां बड़ा हुआ। मुझे सरकार में सेवा करने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ब्रिटेन का प्रतिनिधित्व करने का सौभाग्य मिला।
उन्होंने कहा, मैं अपने कंजर्वेटिव सहयोगियों का समर्थन करना जारी रखंगा। साथ ही संसद में उन मुद्दों का समर्थन करूंगा जिनकी मैं गहराई से चिंता करता हूं, खासतौर पर जलवायु परिवर्तन के खिलाफ कार्रवाई।