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UK: वीजा रैकेट में शामिल ब्रिटिश एयरवेज का कर्मचारी फरार, भारतीय समकक्षों संग मिलकर तलाश रही ब्रिटेन की पुलिस

Tue, 27 Feb 2024 07:02 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

UK: ब्रिटेन की पुलिस भारतीय समकक्षों के साथ मिलकर ब्रिटिश एयरवेज के एक फरार कर्मचारी की तलाश कर रही है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, फरार कर्मचारी ने भारत के लिए उड़ान भरी थी। वह लोगों को अवैध तरीके से ब्रिटेन में प्रवेश कराता था। 
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ब्रिटिश एयरवेज - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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ब्रिटेन की पुलिस अपने भारतीय अधिकारियों के साथ मिलकर ब्रिटिश एयरवेज (बीए) के एक कर्मचारी की तलाश कर रही है। कर्मचारी वीजा रैकेट मामले में फरार चल रहा है और कथित तौर पर भारत में है। मीडिया रिपोर्ट में मंगलवार को यह जानकारी दी गई। 

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'द सन' अखबार की खबर के मुताबिक, व्यक्ति (चौबीस वर्षीय) हीथ्रो हवाई अड्डे के टर्मिनल पांच पर सुपरवाइजर के रूप में काम करता था। बताया जाता है कि जब किसी यात्री की कोई खामी निकलकर सामने आती थी तो वह उसका गलत इस्तेमाल करता था। आरोपी लोगों को बिना जरूरी वीजा दस्तावेजों के ब्रिटिश एयरवेज से यात्रा कराने के लिए प्रत्येक यात्री 25 हजार पाउंड लेता था। फरार कर्मचारी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। 

ब्रिटेन की पुलिस अब उसका पता लगाने के लिए अपने भारतीय समकक्षों के साथ मिलकर काम कर रही है। व्यक्ति को कथित तौर पर छह जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। उसे छह जनवरी को जमानत पर रिहा किया गया। इसके बाद वह ब्रिटिश एयरवेज के एक साथी के साथ गायब हो गया। बताया जा रहा है कि उसने भारत के लिए उड़ान भरी थी। उसने कथित तौर भारत में कई संपत्तियां खरीदी हैं। 

खबर के मुताबिक, व्यक्ति अस्थायी यात्री वीजा पर ब्रिटेन जाने वाले अपने ग्राहकों को दूसरे विमान से किसी ओर देश जाने की भी व्यवस्था करता था। उसके इन ग्राहकों में ज्यादातर भारतीय थे। जबकि अन्य ग्राहक ब्रिटन में शरण वाले थे, जिन्हें अपने मूल देश लौटने का डर रहता था। 
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अखबार ने एक सूत्र के हवाले से कहा कि व्यक्ति ने इस खामी का फायदा उठाया कि आव्रजन (इमिग्रेशन) जांच अब अधिकारी नहीं करते हैं, बल्कि एयरलाइन के कर्मचारियों करते हैं। खबर में कहा गया है कि गलत आंकड़ों (डाटा) की प्रविष्टि (एंट्री) करके व्यक्ति ने लोगों को उन देशों में भी जाने दिया, जहां उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं थी। ये यात्री अपने दस्तावेजों को फाड़ देते थे और शरण का दावा करते थे। ब्रिटिश एयरवेज के प्रवक्ता ने कहा कि वह मामले की जांच में अधिकारियों का सहयोग कर रहे हैं। 
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