फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Brazil: तख्तापलट केस में बोल्सोनारो की रिहाई और सजा पर पेंच; दो के विरोध के बाद एक जज ने पक्ष में सुनाया फैसला

Thu, 11 Sep 2025 08:21 AM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रासीलिया

सार

ब्राजील सुप्रीम कोर्ट में पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के खिलाफ चल रहे तख्तापलट मामले में जज लुइज फुक्स ने उन्हें बरी करने के पक्ष में वोट दिया। इससे पहले दो जज दोषसिद्धि के पक्ष में थे। फुक्स ने कहा कि बिखरे कार्यों को तख्तापलट नहीं माना जा सकता और मामला सुप्रीम कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। फिलहाल रिहाई और सजा पर फैसला अभी बाकी है।
विज्ञापन
जेर बोल्सोनारो। - फोटो : एएनआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के खिलाफ चल रहे ऐतिहासिक तख्तापलट के मुकदमे में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के जज लुइज फुक्स ने अलग राय रखते हुए उन्हें बरी करने के पक्ष में वोट दिया। यह फैसला उस समय आया जब दो अन्य जज पहले ही बोल्सोनारो को दोषी ठहरा चुके थे। फुक्स के इस पक्ष ने पूर्व राष्ट्रपति को अपील और राजनीतिक मोर्चे पर नई ताकत दे दी है।
विज्ञापन


70 वर्षीय बोल्सोनारो पर अभियोजकों ने पांच गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें तख्तापलट की कोशिश, सशस्त्र आपराधिक संगठन चलाना, लोकतंत्र को हिंसक तरीके से खत्म करने की साजिश, राज्य की संपत्ति को नुकसान और राष्ट्रीय धरोहर को नुकसान पहुंचाना शामिल है। इन आरोपों पर पांच जजों की पीठ सुनवाई कर रही है।

फुक्स का तर्क और बचाव पक्ष की दलीलें
जस्टिस फुक्स ने कहा कि केवल सोच या बिखरी घटनाओं को तख्तापलट नहीं कहा जा सकता। उन्होंने बोल्सोनारो के वकीलों की कई दलीलों से सहमति जताई और कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। उन्होंने यह भी माना कि बचाव पक्ष को तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला और जांच एजेंसी के पूर्व प्रमुख अलेक्जेंडर रामगेम को ट्रायल में नहीं होना चाहिए।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- ट्रंप के करीबी, टर्निंग प्वाइंट US के संस्थापक और युवाओं के हीरो; जानिए चार्ली किर्क के बारे में

जनवरी 2023 दंगों से तुलना
फुक्स ने अपने फैसले में कहा कि आठ जनवरी 2023 को ब्रासीलिया में हुई हिंसा को तख्तापलट की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। उन्होंने इसे 2013 में ब्लैक ब्लॉक नामक अराजकतावादी समूह के प्रदर्शनों से तुलना की। उनका कहना था कि कानून में अपराध की परिभाषा बहुत स्पष्ट होनी चाहिए और आरोप उसी अनुसार साबित होने चाहिए।

राजनीतिक असर और चुनावी भविष्य
यह मुकदमा सिर्फ बोल्सोनारो का नहीं, बल्कि ब्राजील की राजनीति का भविष्य भी तय करेगा। अगर वे दोषी करार दिए जाते हैं तो उन्हें अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी चुनना पड़ सकता है। वहीं, कांग्रेस के जरिए उनके लिए माफी की कोशिश भी हो सकती है। फिलहाल वे 2030 तक चुनाव लड़ने से पहले ही चुनाव आयोग द्वारा प्रतिबंधित हैं।

अंतरराष्ट्रीय प्रभाव और अमेरिका का दखल
इस मामले पर अमेरिका से भी प्रतिक्रिया आई है। ट्रंप प्रशासन पहले ही मामले के प्रमुख जज एलेक्जेंडर डी मोराइस पर प्रतिबंध लगा चुका है। वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप ने ब्राजील के सामान पर 50% आयात शुल्क लगाते हुए इसे ‘विच हंट’ बताया। इससे दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों पर तनाव बढ़ सकता है।

ये भी पढ़ें- मनी लॉड्रिंग मामले में घिरे ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति, पुलिस ने लगाए 50 लाख डॉलर के लेनदेन के आरोप
विज्ञापन


सोशल मीडिया पर बोल्सोनारो का समर्थन
फुक्स के फैसले के बाद सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया। बोल्सोनारो समर्थकों ने इसे न्याय का सम्मान बताया, जबकि विरोधियों ने जज पर तख्तापलट समर्थक होने का आरोप लगाया। बोल्सोनारो के बेटे और सांसद एडुआर्डो बोल्सोनारो ने भी इस फैसले का स्वागत किया।

अगला कदम और अंतिम फैसला
अभी दो और जजों को अपना वोट देना बाकी है। अगर तीन जज भी उन्हें दोषी ठहराते हैं तो बोल्सोनारो सजा पा सकते हैं। हालांकि फुक्स के मतभेद के बाद अब उनकी कानूनी टीम पूरे सुप्रीम कोर्ट की 11 सदस्यीय पीठ में अपील करने की योजना बना सकती है। अंतिम फैसला आने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें