ब्लिंकन ने अपने सऊदी अरब के समकक्ष प्रिंस फैसल बिन फरहान के साथ संयुक्त रूप से मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा, इस्राइल को जो अभी झेलना पड़ी है, किसी भी देश से यह उम्मीद नहीं की जानी चाहिए कि वह यह बर्दाश्त करे। हमास द्वारा इस्राइली और अन्य देशों के तेरह सौ से ज्यादा लोगों की हत्या कर दी गई। हमास फलस्तीन का प्रतिनिधित्व नहीं करता। हमास एक आतंकवादी संगठन है और इसक एकमात्र एजेंडा इस्राइल को नष्ट करना है और यहूदियों की हत्या करना है। यह जरूरी है कि पूरी दुनिया इसे इसी रूप में देखे।
उन्होंने कहा, इस्राइल के लोगों को अपने लोगों की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने का अधिकार है कि यह दोबारा कभी न हो। यह जरूरी है कि हम सभी लोगों की तलाश करें, और हम ऐसा करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। खासतौर पर हमें गाजा के इलाकों को सुरक्षित करने और गलियारे को बनाने के लिए काम करने की आवश्यकता है ताकि मानवीय सहायता उन लोगों तक पहुंच सके जिन्हें आवश्यकता है।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने आगे कहा, हम में से कोई भी किसी भी तरफ नागरिकों के पीड़ित नहीं देखना चाहता है, चाहे वह इस्राइल हो, गाजा या कहीं और हो। हम उनकी रक्षा के लिए अपनी पूरी कोशिश करने के लिए एक साथ काम कर रहे हैं।
साथ ही, यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करें कि हमारी क्षमता के अनुसार यह संघर्ष अन्य मोर्चों पर अन्य स्थानों पर न फैले। इसके अलावा, अमेरिका और सऊदी अरब कई अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बहुत निकटता से काम कर रहे हैं, जहां अधिक शांति, स्थिरता और सुरक्षा लाने की कोशिश करना बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें यमन के साथ-साथ सूडान भी शामिल है।
वहीं, सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कहा, 'हमें जल्द स्थिति को नियंत्रित करने का रास्ता ढूंढने की जरूरत है। कम से कम गोलाबारी बंद करनी होंगी और मानवीय चुनौतियों के समाधान की दिशा में काम करना होगा। गाजा में मानवीय स्थिति बहुत खराब है। हमें यह सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है कि मानवीय राहत पहुंचाने की अनुमति दी जाए। हमें हिंसा के चक्र से बाहर निकलने का रास्ता खोजने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है।'
प्रिंस फैसल ने कहा, इस क्षेत्र में हम जिस कठिन समय में हैं, उसे देखते हुए मुझे लगता है कि यह आपके और मेरे लिए बातचीत करने और सहयोग जारी रखने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह परेशान करने वाली स्थिति है, यह बहुत मुश्किल स्थिति है। इसके प्राथमिक पीड़ित नागरिक हैं - दोनों तरफ की नागरिक आबादी। हम सभी किसी भी रूप में, किसी भी समय और किसी के भी द्वारा नागरिकों को निशाना बनाए जाने की निंदा करते हैं। प्राथमिकता अब नागरिकों की पीड़ा को रोकने की होनी चाहिए।